अररिया जिले के युवाओं को अपनी कला, संस्कृति और रचनात्मक प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देने के लिए 26 एवं 27 अक्टूबर को जिला स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन किया जाएगा।
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खेल भवन-सह-व्यायामशाला, अररिया में आयोजित होने वाले इस उत्सव में जिले के सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों और विभिन्न संस्थानों के युवा भाग ले सकेंगे।
प्रतियोगिता में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। विभिन्न विधाओं में चयनित प्रतिभागियों को राज्य स्तरीय युवा उत्सव में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा।

लोकनृत्य से नुक्कड़ नाटक तक दिखेगा हुनर
युवा उत्सव में समूह लोकनृत्य, समूह लोकगीत, चित्रकला, कविता लेखन और नुक्कड़ नाटक सहित विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
समूह लोकनृत्य और समूह लोकगीत में अधिकतम 10 कलाकार हिस्सा ले सकेंगे। इनमें 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के अधिकतम सात कलाकार और 18 से 40 वर्ष आयु वर्ग के तीन सहयोगी कलाकार शामिल हो सकते हैं।
दोनों विधाओं में प्रस्तुति के लिए पांच से आठ मिनट का समय निर्धारित है। समूह लोकनृत्य में रिकॉर्डेड संगीत की अनुमति नहीं होगी।
नुक्कड़ नाटक के लिए ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ विषय निर्धारित किया गया है। इसमें अधिकतम 10 प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे और प्रस्तुति की अवधि सात मिनट तक होगी।
वहीं, कविता लेखन प्रतियोगिता में अधिकतम 500 शब्द लिखने होंगे। इसके लिए प्रतिभागियों को डेढ़ घंटे का समय दिया जाएगा।
पंजीकरण से लेकर आवेदन तक के नियम तय
प्रतियोगिता में शामिल होने के इच्छुक युवाओं के लिए माय भारत पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। आवेदन के साथ माय भारत आईडी की छायाप्रति भी जमा करनी होगी।
निर्धारित नियमों के अनुसार, प्रत्येक प्रतिभागी केवल एक विधा में हिस्सा ले सकेगा। आयु पात्रता के लिए 17 अगस्त को आधार तिथि मानते हुए प्रतिभागियों की उम्र 15 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 25 अक्टूबर को शाम पांच बजे तक निर्धारित है। इच्छुक युवा अपना आवेदन खेल भवन-सह-व्यायामशाला, अररिया में जमा कर सकते हैं।
शिक्षण संस्थानों से भागीदारी बढ़ाने की अपील
सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, संगीत शिक्षकों और कला शिक्षकों से योग्य एवं इच्छुक युवाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
यह उत्सव स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने, सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने और राज्य स्तरीय प्रतियोगिता तक पहुंचने का अवसर प्रदान करेगा।