
Puri Jagannath Temple: पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार में रखे बहुमूल्य आभूषणों की गिनती और मरम्मत का काम अब अहम चरण में पहुंच गया है। मंदिर के मुख्य प्रशासक अरबिंद कुमार पाढ़ी ने जानकारी दी कि जगन्नाथ मंदिर के बाहरी खजाने की सूची तैयार करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
अरबिंद कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि यह प्रक्रिया 25 मार्च से शुरू हुई थी और इसका दूसरा चरण पूरा हो चुका है, जिससे संपूर्ण रत्न भंडार की सूची तैयार हो गई है।
जगन्नाथ मंदिर के बाहरी रत्न भंडार का काम पूरा
उन्होंने आगे कहा- ‘सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार, भीतरी रत्न भंडार की सूची 13 अप्रैल से शुरू होगी। हालांकि, चंदन यात्रा के आगामी अनुष्ठानों के कारण, इस अवधि के दौरान सूची तैयार करने की प्रक्रिया अस्थायी रूप से रोक दी जाएगी और अनुष्ठानों के बाद इसे फिर से शुरू किया जाएगा’।
बाहरी रत्न भंडार में क्या मिला?
उनके अलावा, जगन्नाथ मंदिर के रत्न भंडार के लिए इंस्पेक्शन कमिटी के चेयरमैन जस्टिस बिश्वनाथ राठ (सेवानिवृत्त) ने भी एएनआई से बात करते हुए इस प्रक्रिया को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश इस हफ्ते बाहरी रत्न भंडार का काम खत्म करना था जो हो चुकी है। अब सोमवार से भीतरी भंडार का काम शुरू करना है। जब उनसे अंदर मिले सामान को लेकर सवाल किया गया तो बिश्वनाथ ने कहा कि “यह भगवान की संपत्ति है, जो भगवान के पास ही रहनी चाहिए, यही हमारी कोशिश है”।
आपको बता दें कि इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए हाईटेक तकनीक का सहारा लिया गया है। रत्न भंडार में मिले हर आभूषण की 3D मैपिंग, वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो। अब सब भीतरी रत्न भंडार का काम शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं जिसकी गिनती और मूल्यांकन की प्रक्रिया 13 अप्रैल से शुरू होगी। हालांकि, 14 अप्रैल को महा विषुव संक्रांति के कारण काम एक दिन के लिए रुक जाएगा लेकिन फिर 16 से 18 अप्रैल तक लगातार प्रक्रिया जारी रखी जाएगी।