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दो सूत्री मांग को लेकर बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में छात्र राजद के बैनर तले गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया गया। इस आंदोलन का नेतृत्व छात्र राजद नेता चंदन यादव कर रहे हैं। अनशन सुबह 11:00 बजे से प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। छात्र राजद ने विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित पीएटी परीक्षा 2023-24 के परिणाम जारी होने के बाद पीएचडी नामांकन के लिए पुनः 02 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आवेदन पोर्टल खोलने पर कड़ी आपत्ति जताई है। संगठन का कहना है कि यह कदम विश्वविद्यालय के नियम-परिनियम के विरुद्ध है, इसलिए इसे तत्काल प्रभाव से रोका जाना चाहिए। पीजी में अवैध शुल्क वसूली का आरोप छात्रों ने शिक्षा विभाग के संकल्प संख्या 1457, दिनांक 24 जुलाई 2015 का हवाला देते हुए कहा कि इस आदेश के तहत एससी, एसटी एवं सभी वर्ग की महिलाओं से स्नातकोत्तर (पीजी) में किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए। इसके बावजूद विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और महाविद्यालयों द्वारा लगातार शुल्क वसूला जा रहा है, जो न सिर्फ विभागीय आदेश का उल्लंघन है बल्कि छात्र-छात्राओं के हितों के भी खिलाफ है। मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा अनशन छात्र राजद नेता चंदन यादव ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोनों मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह अनशन जारी रहेगा। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से अविलंब हस्तक्षेप कर छात्र हित में निर्णय लेने की मांग की है। इस अनशन का समर्थन करने के लिए सीतामढ़ी के पूर्व सांसद अर्जुन राय और पुूर्व विधायक सुनील कुशवाहा भी धरना स्थल पहुंचे।
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