
जतिन शर्मा की रिपोर्ट
Cyber Fraud Bust: दिल्ली पुलिस ने कमार करके दिखा दिया, साइबर ठगों के खिलाफ अबतक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है। ऑपरेशन ‘CyHawk 4.0’ के तहत राजधानी के कई जिलों में एक साथ छापेमारी की गई। इस समन्वित एक्शन (Coordinated Action) में म्यूल बैंक अकाउंट, फर्जी कॉल सेंटर और संगठित गिरोहों का पूरा नेटवर्क उजागर किया जा सका।
पुलिस के मुताबिक कुल 8371 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया और उनसे पूछताछ चल रही है। वहीं, 1400 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार या फिर बाउंड डाउन किया गया। 2203 लोगों को BNSS की धारा 35 के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। साथ ही 499 नई FIR दर्ज हुईं, इसके अलावा, 324 पुराने मामलों में भी बड़ी प्रगति हुई।
देशभर में 519 करोड़ रुपये की ठगी
दिल्ली पुलिस ने 3564 NCRP शिकायतें म्यूल अकाउंट्स से लिंक की, बतादें देशभर में ये 519 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी का लिंक है। जिसमें फर्जी जॉब, डिजिटल अरेस्ट, कस्टमर केयर और टेक सपोर्ट स्कैम का भंडाफोड़ किया गया है। साथ ही कई अवैध कॉल सेंटर बंद कराए गए हैं। पुलिस ने मोबाइल, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, सिम कार्ड, डेबिट-क्रेडिट कार्ड, रजिस्टर और फाइनेंशियल रिकॉर्ड बरामद किए और डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए।
यह कार्रवाई I4C और गृह मंत्रालय के साथ एक महीने की गुप्त तैयारी के बाद की गई। साइबर हॉटस्पॉट मैपिंग, संदिग्ध ट्रांजेक्शन और मोबाइल नंबर ट्रैकिंग पर पूरा फोकस रहा। मनी ट्रेल, लेयरिंग और फंड मूवमेंट की गहरी जांच हो रही है।
खान चाचा केस में बड़ा खुलासा
एक अहम केस में मशहूर फूड चेन ‘खान चाचा’ (खान मार्केट) के बेटे को गिरफ्तार किया गया है। इसमें ICICI बैंक का अकाउंट ‘Saleem Javed Rule the Rolls Since 1960’ नाम पर इस्तेमाल होता था। यहां डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड में करीब 3.3 करोड़ की ठगी का खुलासा हुआ है। डायरेक्टर मोहम्मद सलीम और मोहम्मद जावेद ने 2-3% कमीशन पर अकाउंट डिटेल्स शेयर कीं। हरविंदर कोहली, नसीम और संदीप द्विवेदी पैसे रूट करने में शामिल थे। जिसके माध्यम से 54 लाख रुपये अलग-अलग पीड़ितों से वसूल किए गिए थे और लेयरिंग के जरिए आगे भेजे जा रहे थे। इस केस में मोहम्मद जावेद गिरफ्तार, मोहम्मद सलीम को बाउंड डाउन किया गया, इसमें 2 मोबाइल और 2 सिम भी बरामद हुए।
दिल्ली में कहां-कहां हुई पुलिस की कार्रवाई?
आउटर नॉर्थ: 18 बैंक अकाउंट से 2 करोड़ रुपये की ठगी, जिसमें USDT क्रिप्टो में विदेश (कंबोडिया) भेजा गया। इसमें 5 आरोपी गिरफ्तार।
MESSIT TRADEX कंपनी से 16.59 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन किए गए।
नॉर्थ-वेस्ट: डिजिटल अरेस्ट में सीनियर सिटीजन से 8 लाख रुपये ठगे हुए थे। इस केस में 7 गिरफ्तार किए गए, जिनका पुणे लिंक भी मिला, पुण से भी 29 लाख रुपये की ठगी आरोपी द्वारा की गई।
शाहदारा: APK फ्रॉड से 6.65 लाख रुपये की ठगी की गई, जिसका कंबोडिया-थाईलैंड कनेक्शन भी मिला, इसमें 2 आरोपी आगरा से गिरफ्तार किए गए।
पूर्वी दिल्ली-प्रीत विहार: हनीट्रैप गैंग के जरिए 31.5 लाख रुपये की ठगी की गई, जिसमें 2 विदेशी लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। शेयर मार्केट फ्रॉड भी ये लोग करते थे, जिससे 56 लाख रुपये की ठगी की गई।
द्वारका: 67 करोड़ रुपये की ठगी वाला ये एक बड़ा नेटवर्क मिला, जिसमें 89 शिकायतें दर्ज की गई थी, फर्जी कंपनी बनाकर 83 लाख रुपये की अलग से ठगी की गई।
साउथ-वेस्ट: फर्जी लोन ऐप ब्लैकमेलिंग कर ये ठगी करते थे। इनका पाकिस्तान और बांग्लादेश लिंक भी सामने आया। एयर टिकट फ्रॉड कर इन्होंने 47 लाख रुपये कैश कमाए थे, इस केस में एक मर्सिडीज भी बरामद की गई है।
दिल्ली पुलिस ने साफ कहा है कि साइबर ठग अब रडार पर हैं। देश हो या विदेश, हर कड़ी को सुलझाकर तोड़ा जाएगा। आम लोगों से अपील की गई है कि फर्जी कॉल आने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।