![]()
गयाजी में अपनी मां की दवा लाने जा रहे शख्स सत्येंद्र यादव की सड़क हादसे में मौत हो गई। जबकि उनका बेटा अमित जख्मी है। उसका मगध मेडिकल कालेज अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतक के परिजनों का आरोप है कि नगर परिषद की सफाई गाड़ी से आमने सामने टक्कर हो गई। इससे वे जख्मी हो गए, लेकिन इलाज के दौरान लापरवाही की वजह से मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि सत्येंद्र यादव के घुटने में महज चोट थी। घुटने की चोट की वजह से किसी की मौत हो जाये यह समझ से परे है। पीड़ित पक्ष ने मेडिकल थाने में बयान दर्ज कराया है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। मृतक के परिजन गुड्डू यादव ने बताया कि सत्येंद्र यादव औरंगाबाद के सलैया थाना क्षेत्र के बेला के रहने वाले थे। उनकी मां का इलाज गया स्थित एम्स से चल रहा था। उनकी मां की दवा खत्म हो गई थी। वह दवा लाने के लिए अपने बेटे अमित यादव के साथ बाइक से गया आ रहे थे। रास्ते मे मस्तपुरा के निकट नगर परिषद की सफाई गाड़ी से आमने सामने टक्कर हो गई। इससे बाप बेटे दोनों ही जख्मी हो गए। दोनों को मस्तपुरा गांव वालों गया निजी नर्सिंग होम विजय आर्थो में शुक्रवार की दोपहर भर्ती कराया। उस समय उनके साथ उनका कोई परिवार नहीं था। देर रात में नर्सिंग होम वालों ने सत्येंद्र यादव की स्थिति बिगड़ने पर मगध मेडिकल कालेज अस्पताल में भर्ती कराया कर भाग गए। घटना की सूचना पर हम परिजन औरंगाबाद से यहां पहुंचे, तो पता चला कि रात में सत्येंद्र यादव की मौत हो गई थी। अब डेड बॉडी का पोस्टमार्टम कराया गया है। नर्सिंग होम के डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप मृतक के दूसरे परिजन प्रिंस कुमार ने बताया कि सत्येंद्र यादव की मोत के पीछे नर्सिंग होम के डॉक्टरों की घोर लापवाही है। घुटने के मामूली जख्म से किसी की मोत हो जाए। यह सम्भव नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मामले केस दर्ज कराया जा रहा है।
Source link