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शेखपुरा में गुरुवार को सम्राट अशोक हॉल में हस्तशिल्प कारीगरों के सशक्तिकरण के लिए एक चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय शिल्पकारों ने भाग लिया। इस चौपाल में सामाजिक सुरक्षा कोषांग की सहायक निदेशक श्वेता कौर और पटना हस्तशिल्प केंद्र के सीटीओ अमित मिश्र मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इनके साथ वरुण कुमार, प्रखंड कार्यालय के रामलाल पासवान, युवा वार्ड पार्षद दीपक गुप्ता, अरविंद कुमार हरिओम, विकास सिंह, मृत्युंजय कुमार, अमित प्रजापति, ओमप्रकाश पंडित, राजकुमार केशरी और आर्यन केशरी सहित कई अन्य लोगों ने भी हिस्सा लिया। सभी अतिथियों को बुके और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया सीटीओ अमित मिश्र ने हस्तशिल्प क्षेत्र से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कारीगरों को कौशल विकास, डिज़ाइन नवाचार, गुरु-शिष्य परंपरा आधारित प्रशिक्षण, टूल किट वितरण और रोजगारोन्मुख योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में सभी अतिथियों को बुके और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। नए डिजाइन को अपनाने से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा इस दौरान, मिट्टी के दीये, मूर्तियां और पारंपरिक शिल्प बनाने वाले कारीगरों ने अपनी समस्याओं और सुझावों को अधिकारियों के सामने रखा। सहायक निदेशक श्वेता कौर ने अपने संबोधन में उन्नत प्रशिक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और नए डिजाइन को अपनाने से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा और उन्हें बाजार में उचित मूल्य मिल सकेगा। श्वेता कौर ने यह भी बताया कि सरकार की प्राथमिकता पारंपरिक कला और शिल्प को आधुनिक बाजार से जोड़ना है, ताकि कारीगर आत्मनिर्भर बन सकें। कार्यक्रम का सफल संचालन अरविंद कुमार हरिओम ने किया। इंजीनियर सचिन सौरभ ने कहा कि उनका संकल्प शेखपुरा के हस्तशिल्पकारों को आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करते हुए उनका आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने विपणन सुविधा, ऑनलाइन पोर्टल और पहचान-पत्र जैसी योजनाओं के बारे में भी विस्तार से जानकारी साझा की।
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