
लोकसभा में गूंजा अमृतसर DM सुसाइड केस, मंत्री रवनीत ने उठाया मुद्दा, अमित शाह का बयान | Image:
ANI/ Republic
Punjab DM Suicide Case: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने लोकसभा में पंजाब के दो बड़े मुद्दों पर आवाज उठाई। एक तरफ वेयरहाउस DM गगनदीप सिंह रंधावा (45) का सुसाइड केस, दूसरी तरफ बाघापुराना के SDM वाले केस में दबाव का मामला उठाया। जिसके बाद अमित शाह ने कहा कि, पंजाब के सांसद लिखकर दें तो मैं ये केस CBI को ट्रांसफर कर दूंगा।
लोकसभा में क्या हुआ?
लोकसभा में कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने मुद्दा उठाया, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और अमित शाह भी इसमें शामिल हुए। शाह ने साफ कहा कि, ‘यह पंजाब राज्य का मामला है। सभी सांसद लिखित में दें, मैं केस CBI को ट्रांसफर कर दूंगा।’ बता दें पंजाब के 13 सांसदों में विपक्ष ज्यादा है, इसलिए परिवार और विपक्षी पार्टियां CBI जांच चाहती हैं।
DM सुसाइड केस की क्या है पूरी कहानी?
21 मार्च सुबह गगनदीप सिंह रंधावा ने घर के आंगन में सल्फास खा ली थी। जिसका CCTV भी सामने आया, जिसमें साफ दिखा कि वे टहलते हुए अचानक रुकते हैं, गोलियां मुंह में डालते हैं और पानी पी लेते हैं। इसके बाद वो एक वीडियो बनाते हैं। जिसमें उन्होंने कहा कि ‘दोस्तों, मैंने सल्फास खा ली, मिनिस्टर लालजीत भुल्लर से तंग आकर, अब मैं नहीं बचूंगा।’
भुल्लर की गिरफ्तारी चाहता है पीड़ित परिवार
आत्महत्या करने वाले गगनदीप सिंह के परिवार ने आरोप लगाया कि AAP के ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत भुल्लर, उनके पिता सुखदेव भुल्लर और PA दिलबाग सिंह ने DM गगनदीप को धमकियां दीं। टेंडर पास न करने पर जान से मारने की धमकी दी।
तीन दिनों से अस्पताल में पड़ा गगनदीप का शव
इसके साथ ही DM गगनदीप सिंह की पत्नी उपिंदर कौर ने 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया कि मंत्री लालजीत भुल्लर गिरफ्तारी तक पोस्टमॉर्टम नहीं होगा। उनकी मां बोलीं कि, ‘मंत्री ने मेरा पुत्र खा लिया।’ बेटी ने पूछा कि, ‘क्या मंत्री के लिए अलग कानून है?’ बतादें अभी लाश अमृतसर अस्पताल में है। क्योंकि तीसरे दिन भी पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ। वहीं, परिवार ने मोबाइल पुलिस को नहीं सौंपा।
‘पहले गिरफ्तारी, फिर अंतिम संस्कार’- परिजन
मामला बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंत्री लालजीत भुल्लर से इस्तीफा लिया है। साथ ही मंत्री पर FIR भी दर्ज की गई है। लेकिन परिवार अभी मांग पर अड़ा हुआ है कि ‘पहले गिरफ्तारी, फिर अंतिम संस्कार।’ इस मामला को लेकर पंजाब कांग्रेस, अकाली दल और BJP एकजुट नजर आ रहे हैं। क्योंकि सभी इस मामले की जांच चाहते हैं। इस पूरे मामले से पंजाब की राजनीति गरमाई हुई है।