
लोकसभा से एंटी-पेपर लीक बिल पास होने के बाद इसे गुरुवार को राज्यसभा में पेश किया गया। ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अमेंडमेंट) बिल 2026’ पर राज्यसभा में चर्चा जारी है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में इस विधेयक को पेश किया। विधेयक पेश होने के बाद विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। बिल को लेकर उन्होंन सरकार पर तीखा हमला बोला। अपने भाषण में उन्होंने मनु स्मृति को उदाहरण देते हुए कुछ ऐसा कहा कि सदन में भारी हंगामा शुरू हो गया।
राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, “पेपर लीक की वजह से कितने बेगुनाह लोगों को नुकसान हुआ, कितने लोगों की पिटाई हुई, कितने माता-पिता परेशान हुए, कितनी महिलाएं और बच्चे परेशान हुए। चर्चा के लिए आए ‘पब्लिक एग्जामिनेशन अमेंडमेंट बिल 2026’ में आपने सिर्फ आंकड़े बदले हैं। इस बिल में बस आंकड़े ही बदलते रहे। इससे कुछ नहीं होने वाला। आपने ज्यादा जुर्माना, कड़ी सजा, स्पेशल टास्क फोर्स, फास्ट ट्रैक कोर्ट जैसे प्रावधान शामिल किए हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। “
एंटी पेपर लीक बिल पर खरगे ने क्या कहा?
खरगे ने आगे कहा, “फर्क इस बात से पड़ेगा कि आप यह परीक्षा कैसे आयोजित करते हैं और बिना पेपर लीक के तैयारी कैसे करते हैं, यह उस पर निर्भर करता है। ऐसा कड़ा कानून लाने की मांग हमने 2024 में ही की थी। लेकिन तब आपने हमारी बात नहीं मानी। और आपने अपने भाषण में कहा कि आप लोग सहमत नहीं थे। लेकिन हम बार-बार आपसे ऐसा कड़ा कानून बनाने के लिए कहते रहे। लेकिन आपने ऐसा नहीं किया। जो काम आप दो साल बाद कर रहे हैं, वह 2024 में ही क्यों नहीं किया?”
मनु स्मृति को लेकर खरगे के इस बयान पर भारी हंगामा
राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने मनु स्मृति के बारे में ऐसे कुछ कह दिया कि भारी बवाल शुरू हो गया। खरगे ने आरोप लगाया कि मनु स्मृति ने शिक्षा के क्षेत्र में जातिवाद को बढ़ावा दिया है, उनके इस बयान पर राजकोषीय पीठ ने कड़ी आपत्ति जताई। नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष के नेता ने जो कहा है, वह मेरी जानकारी में तथ्यों से परे है। मनु स्मृति का ओरिजिनल टेक्स्ट ऑथेंटिकेट करें।
सभापति ने भी खरगे के बयान पर जताई आपत्ति
मल्लिकार्जुन खरगे की मनु स्मृति के बारे में की गई टिप्पणी के बाद राज्यसभा में भारी हंगामा शुरू हो गया। सत्ता पक्ष की ओर से गिरिराज सिंह ने खरगे से माफी मांगने को कहा। जिसके बाद विपक्ष की ओर गिरिराज सिंह को लेकर नारेबाजी शुरू हो गई। भारी हंगामे के बाद सभापति ने खरगे की ओर से मनु स्मृति वाला बयान एक्सपंज करने का ऐलान कर दिया।