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नालंदा के सदर अस्पताल के ब्लड बैंक में खून की दलाली और खरीद-बिक्री के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। अस्पताल में तैनात एक महिला सुरक्षा गार्ड पर दलाल के माध्यम से 13 हजार रुपए लेकर दो यूनिट खून बेचने का आरोप लगा है। हैरत की बात यह है कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह खून मुफ्त में देने का आदेश पहले ही दे दिया था। मामले की जांच के बाद सदर अस्पताल के उपाधीक्षक के निर्देश पर नगर थाने में आरोपी महिला गार्ड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है। इस खुलासे के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया है। मरीज की गंभीर हालत का उठाया फायदा बिंद थाना क्षेत्र के जमसारी गांव निवासी रौशन कुमार ने अपनी बहन खुशबू कुमारी को प्रसव के लिए दो दिन पूर्व सदर अस्पताल में भर्ती कराया था। जांच में महिला का हीमोग्लोबिन काफी कम पाया गया, जिसके बाद डॉक्टरों ने जान बचाने के लिए तत्काल दो यूनिट खून चढ़ाने की आवश्यकता जताई। खून की कमी सुनकर परिजन घबरा गए और रक्त की व्यवस्था में जुट गए। अस्पताल प्रशासन मरीज की स्थिति को देखते हुए ब्लड बैंक से उसे निशुल्क रक्त उपलब्ध करा रहा था, लेकिन इसी बीच अस्पताल में तैनात महिला गार्ड ने परिजनों को अपने झांसे में ले लिया। दलाल के मार्फत 13 हजार की वसूली आरोप है कि महिला गार्ड ने परेशान परिजनों से संपर्क किया और दलाल के माध्यम से जल्द से जल्द खून उपलब्ध कराने का झांसा दिया। उसने इस काम के एवज में मजबूरी का फायदा उठाते हुए परिजनों से 13 हजार रुपए की मोटी रकम वसूल ली। जब इस फर्जीवाड़े की भनक अस्पताल प्रबंधन को लगी, तो सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने तुरंत पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई। सीसीटीवी से खुला राज, कार्रवाई के सख्त आदेश डीएस डॉ. राजीव रंजन ने बताया कि जांच के दौरान अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में उक्त महिला गार्ड संदिग्ध रूप से ब्लड बैंक तक जाती हुई दिखाई दी। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि मुफ्त में मिलने वाले खून के लिए उसने दलाल की मदद से परिजनों को बहला-फुसलाकर पैसे वसूले हैं। इसे अत्यंत गंभीर और अमानवीय अनियमितता मानते हुए आरोपी महिला गार्ड के खिलाफ एफआईआर के लिए नगर थाने में आवेदन दिया गया है। आरोपी गार्ड की पहचान पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के प्रह्लादपुर गांव निवासी चंद्रमणि कुमार की पत्नी अनीता कुमारी के रूप में हुई है। इसके साथ ही, अस्पताल प्रशासन ने संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी को भी पत्र लिखकर तत्काल प्रभाव से उक्त गार्ड को कार्यमुक्त का सख्त आदेश दे दिया है।
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