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के बागियों को सर्वदलीय बैठक में बुलाए जाने पर बवाल महुआ मोइत्रा भड़कीं कहा आज एक नई कैटेगरी आई है गद्दार…



संसद का मॉनसून सत्र आज से हो गई। इससे पहले संसद भवन एनेक्सी में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भारी हंगामा देखने को मिला। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों को अलग गुट के रूप में आमंत्रित किए जाने का कांग्रेस, टीएमसी समेत कई विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध किया। इसके बाद सोमवार को सदन की कार्यवाही में बागी सांसदों के शामिल होने और सदन में उनके अलग से बैठने की व्यवस्था को लेकर तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने सरकार पर हमला बोला।

विपक्ष दलों का मुख्य विरोध TMC के उन 20 बागी सांसदों को बैठक में बुलाने और उन्हें ‘NCPI’ नामक अलग गुट के रूप में मान्यता देने को लेकर था। उनका कहना है कि इन बागी सांसदों के खिलाफ अयोग्यता की याचिकाएं अभी भी लंबित हैं और स्पीकर द्वारा उनके विलय को अभी मंजूरी नहीं दी गई है। ऐसे में सर्वदलीय बैठक के लिए उन्हें आमंत्रित करना गलत है।

महुआ मोइत्रा ने सरकार पर बोला हमला

मीडिया से बात करते हुए TMC की नेता महुआ मोइत्रा ने बताया कि संयुक्त विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक के दौरान उन 20 सांसदों की मौजूदगी पर विरोध जताते हुए बैठक से वॉकआउट किया, जिन पर अयोग्यता की याचिकाएं लंबित हैं। उन्होंने दावा किया कि इन सदस्यों ने एक गैर-मान्यता प्राप्त गुट, NCPI, के साथ गठबंधन किया है, जबकि उनके विलय को अभी तक स्पीकर से औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है।

 महुआ मोइत्रा ने नए बेंच को “गद्दार बेंच” का नाम दिया

महुआ मोइत्रा ने बागी सांसदों बैठने की व्यवस्था और सरकारी कार्यवाही में बागी सांसदों को शामिल करने को लेकर सरकार की आलोचना की और इसे “गद्दार बेंच” करार दिया। TMC नेता ने तर्क दिया कि बागी गुट को जगह देने के लिए सदन की पारंपरिक व्यवस्था से समझौता किया गया है, जिससे एक नया संसदीय वर्गीकरण बन गया है। महुआ मोइत्रा ने इसे “गद्दार बेंच” का नाम दिया।

विपक्ष ने क्यों किया बागियों का विरोध?

बता दें कि संयुक्त विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक के दौरान उन 20 सांसदों की मौजूदगी पर विरोध जताते हुए बैठक से वॉकआउट किया। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, DMK, JMM, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वामपंथी दल और शिवसेना (UBT) समेत पूरे विपक्ष ने इस बैठक से वॉकआउट किया। टेबल ऑफिस द्वारा दी गई सूची में TMC की संख्या 28 दिखाई गई है, जबकि इन 20 बागी सांसदों के विलय को स्पीकर ने अभी मंजूरी नहीं दी है। इनके खिलाफ 20 अयोग्यता याचिकाएं लंबित हैं। 91वें संविधान संशोधन के बाद अलग गुट का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में संसदीय कार्य मंत्री ने इन्हें किस आधार पर आमंत्रित किया?”

संसदीय लोकतंत्र की परंपरा टूटी- महुआ मोइत्रा

महुआ मोइत्रा ने आगे कहा, “पूरे विपक्ष ने विरोध में वॉकआउट किया और आज हम देख रहे हैं कि सरकार ने सीटें बदल दी हैं। पहले सदन में केवल सत्ता पक्ष और विपक्ष की बेंच हुआ करती थी। बैठने की नई व्यवस्था पर चिंता जाहिर करते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा, “आज एक नई श्रेणी सामने आई है, ‘गद्दार बेंच’। सुदीप बंद्योपाध्याय ‘गद्दार बेंच’ के नेता के तौर पर सबसे आगे बैठेंगे। संसदीय लोकतंत्र में यह एक नया दिन है।”



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