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बेतिया और नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण बिहार की कई नदियां उफान पर हैं। इसका सीधा असर पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड में दिख रहा है, जहां सिसवा मंगलपुर और चौमुखा पंचायत के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। बाढ़ के कारण लगभग आधा दर्जन गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क टूट गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल जानकारी के अनुसार, सिसवा मंगलपुर पंचायत के तीन से चार गांव और चौमुखा पंचायत के दो से तीन गांव पूरी तरह बाढ़ से प्रभावित हैं। गांवों में पानी भर जाने से आवागमन बाधित हो गया है। गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, स्कूली विद्यार्थियों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाना भी मुश्किल हो गया है। हर वर्ष बाढ़ की समस्या झेलनी पड़ती – ग्रामीण सिसवा मंगलपुर पंचायत के ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरकार और प्रशासन की ओर से अब तक कोई समुचित राहत व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई गई है। इससे बाढ़ पीड़ितों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें हर वर्ष बाढ़ की समस्या झेलनी पड़ती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी पहल नहीं की जाती। स्थानीय किसान श्रवण राम ने बताया कि बाढ़ के पानी से धान और गन्ने की फसलें पूरी तरह प्रभावित हो गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके बावजूद अब तक किसी प्रकार की सहायता या मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है। प्रशासन से शीघ्र राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग वहीं, चंदा देवी नामक एक ग्रामीण ने बताया कि बाढ़ के कारण महिलाओं और छोटे बच्चों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। घरों में पानी घुस जाने से भोजन, पेयजल और दैनिक जरूरतों की वस्तुओं का संकट उत्पन्न हो गया है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीण मोहम्मद गद्दी ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। निचले इलाकों के कई गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर चुका है, जिससे लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उन्होंने कहा कि अब तक प्रशासन की ओर से कोई प्रभावी राहत कार्य शुरू नहीं किया गया है। प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग इधर, चौमुखा पंचायत के ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन द्वारा नाव की व्यवस्था तो की गई है, लेकिन केवल नाव उपलब्ध करा देने से बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सकता। प्रभावित परिवारों के लिए भोजन, पेयजल, दवा, पशुचारा और सुरक्षित आश्रय की भी तत्काल आवश्यकता है। स्थानीय जनप्रतिनिधि मुकेंद्र यादव ने बताया कि उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए संबंधित अधिकारियों को लिखित आवेदन दिया है। इसके बावजूद अब तक राहत सामग्री, चिकित्सा शिविर या अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत एवं बचाव कार्य तेज करने तथा प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
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