
Republic Manthan Summit 2026: कल्कि धाम के पीठाधीश्वर और धार्मिक नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने रिपब्लिक समिट 2026 में देश के सबसे ज्वलनशील मुद्दे पर चर्चा की जो कि आने वाले समय में और ज्यादा तपेगा। उन्होंने काशी-मथुरा और संभल के मुद्दे पर कहा कि कुछ विषय ऐसे होते हैं जिन पर न चिंतन की जरूरत होती है, न मंथन की जरूरत है। जो विषय राष्ट्र और धर्म से जुड़े होते हैं उन पर एक कदम भी पीछे नहीं हटाया जा सकता और हटाना भी नहीं चाहिए।
प्रमोद कृष्णम ने कहा कि एक वक्त ऐसा आया जब हिंदुस्तान पर हुकूमत हुई। काशी मंदिर, सोमनाथ, मथुरा और अयोध्या को तोड़ा गया। इन चार मंत्रियों को क्यों तोड़ा गया? इन्हें तोड़कर मस्जिदों का निर्माण किया गया। वहीं इस्लाम के हवाले से देखा जाए तो किसी भी विवादित जगह पर मस्जिद बनाना जायज नहीं है। लेकिन हमलावरों ने काशी, मथुरा और अयोध्या तोड़ा क्योंकि कहा जाता है कि वहां भगवान का आगमन हुआ था। संभल इसलिए तोड़ा गया क्योंकि यहां भगवान आएंगे। मस्जिद बनाने के लिए जमीन कम नहीं थी, उसके बावजूद मस्जिद बनाने के लिए मंदिरों को तोड़ा गया। उन हमलावरों का मकसद मस्जिद बनाना नहीं था, बल्कि हिंदुओं की आस्था को चोट पहुंचाना था।
प्रमोद कृष्णम की मुसलमानों से अपील
प्रमोद कृष्णम ने कहा, ‘हिंदुस्तान के तमाम मुसलमान बहन-भाइयों से हाथ जोड़कर निवेदन करना चाहता हूं कि वो इस देश की मिट्टी में पैदा हुए हैं और इस देश की मिट्टी में मिल जाएंगे। वो अपने आपको बाबर, तैमूरलंग और महमूद गजनवी से जोड़ने की कोशिश न करें।’
मुसलमान खुद को बाबर-तैमरलंग से क्यों जोड़ते हैं?
उन्होंने आगे बताया कि मुसलमान खुद को बाबर-तैमरलंग अन्य से क्यों जोड़ते हैं। उन्होंने कहा, ‘सनातन को मिटाने की बहुत कोशिशें की गईं। सनातन पर हमले भी बहुत हुए। भारत एक हजार साल तक गुलाम हुआ। 800 साल मुगलों ने और 200 साल अंग्रेजों ने राज किया। भारत इसलिए गुलाम नहीं रहा क्योंकि तैमूरलंग, बाबर,सिकंदर लोदी और महमूद गजनवी बहुत बहादुर था, बल्कि इसलिए गुलाम रहा क्योंकि हमारे बीच में कुछ ‘जयचंद’ मौजूद थे।’
प्रमोद कृष्णम ने आगे कहा, ‘हमारे पुराणों में लिखा है कि भगवान का अवतार हर युग में होता है। सत्युग में हुआ, त्रेतायुग में हुआ, द्वापरयुग में हुआ। स्कंद पुराण, भविष्य पुराण, कल्कि पुराण, श्रीमद्भागवत में इसका स्पष्ट उल्लेख है। आज यह बात दुनियाभर में संदेश के रूप में जानी चाहिए। कल्कि पुराण, श्रीमद्भागवत में बहुत विस्तार से कल्कि अवतार की चर्चा है। श्रीमद्भागवत का एक श्लोक का जिक्र किया जिसमें संभल का जिक्र है। हजारों साल पहले पुराण लिखे गए हैं, मैंने नहीं लिखे। लेकिन जब हमने पढ़ा और इसका अध्ययन किया तब मैंने 18 साल पहले संकल्प लिया कि जहां भगवान आए वहां धाम बन गए। जहां भगवान आएंगे, वहां भी धाम बनना चाहिए। हमने कहा कि जहां भगवान आएंगे वहां उनके आने से पहले श्री कल्कि धाम की स्थापना हो।’
प्रमोद कृष्णम ने कहा, “अभी भाजपा सांसद ब्रजलाल जी ने अपनी आपबीती और अनुभव साझा किया। अब मैं आपको अपना अनुभव बताता हूं। उस समय उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की सरकार थी। उसके बाद 2012 से 2017 तक उनके बेटे अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार रही। आज जिस स्थान पर ‘श्री कल्कि धाम’ का निर्माण और शिलान्यास हुआ है, उसकी कहानी बहुत पुरानी है। जब मुलायम सिंह मुख्यमंत्री थे और संभल अलग जिला भी नहीं बना था, तब इसके शिलान्यास की तारीख तय की गई थी। लेकिन उस दौर में वहां के सांसद डॉ. शफीकुर्रहमान बर्क थे, जो अक्सर सत्ताधारी दल के साथ हो जाते थे (जिसके कारण काम में अड़चनें आईं)। इसके बावजूद, हमारे संकल्प में इतनी शक्ति थी कि हम 18 वर्षों तक लगातार संघर्ष करते रहे। हमारे इस पवित्र संकल्प को असल ताकत और पूर्णता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आने के बाद ही मिली।’