
Bihar Village Tax: बिहार सरकार के ग्रामीण इलाकों में टैक्स वसूलने के फैसले का विपक्षी दल विरोध कर रहे हैं, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में लगातार बयानबाजी हो रही है। अब विपक्ष के हमलों पर पलटवार करते हुए बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने एक बेहद आक्रामक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के कार्यकाल में मुख्यमंत्री आवास के भीतर लौंडा नाच का आयोजन होता था। उनके मुताबिक, जिन लोगों के समय कथिततौर पर ऐसी संस्कृति थी, उनकी सोच का स्तर इससे आगे नहीं बढ़ सकता है।
बिहार सरकार में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, ‘लाठी घुमावत तेल पिलावत’ वालों की सोच। विपक्ष के पास मुख्यमंत्री आवास में लौंडा नाच होता था। उनकी सोच इससे ज्यादा जा नहीं सकती है। हमें समृद्धशाली बिहार बनाना है। हमें नालंदा और विक्रमशिला विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को फिर से पाना है। हमें नए-नए काम करने पड़ेंगे ना। अब AI का जमाना आ गया है, हम कैसे आगे बढ़ सकते हैं। इसके लिए हमें फंड की जरूरत होगी।’
उन्होंने आगे बरसते हुए कहा, ‘जब इन्होंने नीतीश जी को बिहार सौंपा था, तब मात्र 28 हजार करोड़ का बिहार था। तब इनकी क्या सोच थी, जो आज ये लोग हमारे ऊपर टिप्पणी कर रहे हैं। पूरे बिहार में प्रति व्यक्ति आय महज 7000 रुपये थी। इस प्रदेश में 118 नरसंहार थे। वहां से नीतीश कुमार ने इस बिहार को कहां लाने का काम किया, ये हमारे ऊपर टिप्पणी कर रहे हैं। टैक्स नहीं लगेगा? बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बन रही हैं। पटना महानगर से बाहर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग बन रही है। सरकार अगर टैक्स लेगी तो पैसा आएगा और जनहित के काम होंगे। इनका काम तो सिर्फ बोलना है।’
किसी भी राज्य में गांव में टैक्स नहीं लगता- RJD
वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘गांव-देहात में टैक्स लगना आश्चर्य की बात है। किसी भी राज्य में गांव में टैक्स नहीं लगता है। अब सरकार क्या सोच रही है, कैसे सोच रही है, क्या फैसला ले रही है, इसे लेकर जनता की प्रतिक्रिया जाननी जरूरी है। इस मुद्दे को निश्चित रूप से सदन में रखा जाएगा। जब सरकार गांवों में बुनियादी सुविधाएं ही नहीं दे पाती, तो टैक्स वसूलने का औचित्य क्या है? किसी चीज की सुविधा गांव में उपलब्ध नहीं है, फिर टैक्स किस बात का?’
बता दें कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को बिहार कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कुल 30 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इसमें ग्राम पंचायत कर, दर और शुल्क नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत तय किया गया कि राज्य के पंचायत क्षेत्र में होल्डिंग टैक्स लगाया जाएगा। इस नियम के लागू होते ही जमीन, सिनेमाघर, उद्योग, हाट, होर्डिंग समेत अन्य क्षेत्रों में कर लगाया जा सकता है।