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समस्तीपुर में तीन दिनों के अंदर तीन शराब तस्कारों की हत्या हुई है। चकमहेसी में बदमाश शराब तस्कार प्रभात चौधरी और उसके सहयोगी सन्नी कुमार को गोलियों से भून दिया गया। जबकि, विद्यापतिनगर के बंगराहा गांव में ईशांत उर्फ छोटू की हत्या कर शव को दफन कर दिया गया। जिसके बाद पुलिस ने जेसीबी से खोद कर सतह से 10 फीट नींचे से बरामद किया। पुलिस रिकार्ड में मरने वाले तीनों शराब तस्करी से जुड़े थे। दोनों हत्याकांड में आरोपी बनाए गए आरोपी भी शराब तस्कर बताए गए है। तीन दिनों के अंदर तीन लोगों की हत्या के बाद दरभंगा परिक्षेत्र के डीआईजी मनोज तिवारी समस्तीपुर पहुंचे। इन्होंने पुलिस पदाधिकारी के साथ समीक्षा बैठक की है। शराब तस्करों के खिलाफ कैसे अभियान चलाया जाए, इसको लेकर कई दिशा निर्देश जारी किया है। जानिए कब-कब हुई शराब तस्कर की हत्या… 7 जुलाई की रात चकमहेसी थाना क्षेत्र के नामापुरदरियापार गांव में बुलाकर कुख्यात शराब तस्कार प्रभात चौधरी और उसके सहयोगी सन्नी कुमार की गोली माकर हत्या कर दी गई। प्रभात चौधरी पर अपहरण, हत्या के साथ ही शराब तस्करी के कुल 11 मामलों में पुलिस चार्जशीट दायर कर चुकी थी। इस मामले मेें प्रभात के पिता संजय कुमार चौधरी के बयान पर थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिसमें सीतावर्ती दरभंगा जिला के डगरैल गांव अखिलेश राय आदि को नामजद किया है। अखिलेश पर चकमहेसी थाने के साथ ही दरभंगा जिले के विशनपुर समेत कई थाना क्षेत्रों में शराब तस्करी का मामला दर्ज है। उसकी पुलिस तलाश कर रही है। एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह ने भी माना है कि शराब तस्करी के मामले में प्रभात चौधरी की हत्या हुई है। इस मामले में जिन्हें आरोपी बनाया गया है। उस पर शराब कारोबार का कई मामला दर्ज है। प्रभात और अखिलेश के बीच पैसा लेनदेन की भी बात सामने आ रही है। प्रभात के साथ मारे गए सन्नी के बारे में पुलिस का मानना है कि सन्नी पर कोई अपराधिक मामला दर्ज नहीं है। लेकिन, वह प्रभात के साथ रहता था। जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह भी शराब तस्करी से जुड़ा हो सकता है। 8 जुलाई की रात विद्यापतिनगर के बंगराहा गांव में शराब कारोबार में वर्चश्व को लोकर गांव के रामप्रीत यादव के पुलिस ईशांत कुमार उर्फ छोटू की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। छोटू हत्या मामले में आरोपी बनाए गए नंद कुमार सिंह उर्फ आनंदी सिंह पर शराब तस्करी से जुड़ा मामला दर्ज है। एसपी अरविंद्र प्रताप सिंह बताते हैं कि पहले दोनों एक साथ ही शराब की तस्करी किया करते थे। लेकिन इन दिनों किसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। जिसके बाद गत 11 जून को ईंशांत को साजिश के तहत मूर्गा फार्म हाउस पर बुलाकर उसकी हत्या कर दी। 8 जुलाई को उसका शव आनंदी सिंह के खेत से दफन किया हुआ बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार आनंदी सिह और ईशांत के बड़े भाई पहले एक साथ ही काम करते थे। लेकिन, इधर दोनों में रसाकसी बढ़ गई थी।
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