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सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा प्रखंड के आरजी मोहनपुर गांव निवासी अंकुश कुमार ने एक कंसल्टेंसी पर ठगी का आरोप लगाया है। छात्र के अनुसार, बीए-बीएड में नामांकन और परीक्षा फॉर्म भरवाने के नाम पर उससे पैसे लिए गए, लेकिन उसका चौथे सेमेस्टर का परीक्षा फॉर्म नहीं भरा गया। इस कारण वह परीक्षा देने से वंचित रह गया। बीए-बीएड में नामांकन का झांसा अंकुश कुमार ने धर्मेंद्र कुमार, रितेश कुमार और सोहन कुमार सहित अन्य लोगों पर आरोप लगाया है। उनके मुताबिक, इन लोगों ने कम शुल्क में बीए-बीएड में नामांकन का झांसा देकर उनसे पूरी राशि जमा करा ली थी। जब अंकुश परीक्षा फॉर्म की जानकारी लेने पहुंचा, तो उसे पता चला कि उसका फॉर्म भरा ही नहीं गया है। इस घटना से छात्र काफी परेशान है। अंकुश का कहना है कि उसका शिक्षक बनने का सपना है, लेकिन कंसल्टेंसी की कथित धोखाधड़ी ने उसके भविष्य को अनिश्चित बना दिया है। पीड़ित छात्र ने इस मामले की शिकायत जिला पदाधिकारी रिची पांडे से की है। डीएम ने बताया कि उन्हें छात्र का आवेदन प्राप्त हुआ है, जिसके आधार पर सदर डीएसपी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई तय डीएम पांडे ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यह भी जांच की जाएगी कि संबंधित कॉलेज वास्तव में मौजूद है या नहीं और कंसल्टेंसी के दावों में कितनी सच्चाई है। उल्लेखनीय है कि सीतामढ़ी के रिंग बांध क्षेत्र में कई निजी कंसल्टेंसी संचालित हैं। ये कंसल्टेंसी बिहार सहित अन्य राज्यों के संस्थानों में B.Ed, D.El.Ed और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में कम शुल्क पर नामांकन कराने का दावा करती हैं। इस घटना के सामने आने के बाद इन कंसल्टेंसी केंद्रों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
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