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बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह की सजा पर आज फैसला डॉ अर्चना गुप्ता मर्डर केस कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया…




दिल्ली में न्यू ईयर पार्टी के दौरान हुई हर्ष फायरिंग में महिला की मौत के मामले में दोषी ठहराए गए साहेबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह की सजा पर आज (शनिवार) फैसला आएगा। दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में शुक्रवार को सजा के बिंदु पर दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने सजा का ऐलान करेंगे। सजा को लेकर दोनों पक्षों ने रखीं दलीलें शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत से विधायक के प्रति नरमी बरतने की अपील की। वहीं अभियोजन पक्ष ने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए अधिकतम सजा देने की मांग की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। पहले ही ठहराए जा चुके हैं दोषी इससे पहले 6 जून को विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने 97 पृष्ठों के फैसले में राजू कुमार सिंह को भारतीय न्याय संहिता से पूर्व लागू भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 (भाग-2) तथा आर्म्स एक्ट के प्रावधानों के उल्लंघन का दोषी करार दिया था। अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि समारोहों में हर्ष फायरिंग एक गंभीर सामाजिक अभिशाप बन चुकी है और इससे अक्सर निर्दोष लोगों की जान चली जाती है। 2 साल से अधिक की सजा पर जाएगी विधानसभा की सदस्यता कानून के ‎‎जानकारों का मानना है कि अगर राउज एवेन्यू कोर्ट राजू सिंह को दो साल या इससे‎ ‎अधिक की सजा सुनाती है तो ‎‎उनकी विधानसभा सदस्यता‎‎ खत्म हो सकती है।‎ लोक प्रतिनिधित्व ‎अधिनियम, 1951 के तहत 2 साल या इससे‎ अधिक की सजा मिलने पर जनप्रतिनिधि अयोग्य‎ घोषित हो जाता है। हालांकि, दोष सिद्ध विधायक के‎ पास हाई कोर्ट में अपील करने का अधिकार ‎होता है, लेकिन केवल अपील दाखिल कर देने से‎ सदस्यता नहीं बचती। इसके लिए दोष सिद्धि या सजा ‎पर सक्षम न्यायालय से रोक (स्टे) मिलना‎ जरूरी होता है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए अर्चना हत्याकांड की पूरी कहानी 31 दिसंबर 2018 को साउथ दिल्ली के फतेहपुर बेरी के रोज फार्म हाउस पर न्यू ईयर की पार्टी चल रही थी। पार्टी का आयोजन राजू सिंह और उनके भाई संजय सिंह की ओर से किया गया था। पार्टी में पेशे से रियल स्टेट कारोबारी और संजय सिंह के दोस्त विकास गुप्ता अपनी बेटी और पत्नी अर्चना गुप्ता के साथ शामिल हुए थे। दिल्ली पुलिस की ओर से कोर्ट में पेश किए गए चार्जशीट के मुताबिक, जैसे ही घड़ी में 12 बजे, वैसे ही राजू सिंह के साथ-साथ अन्य लोग ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। फायरिंग का शोर जब थमा, अर्चना डांस फ्लोर पर लहूलुहान पड़ी थी। विकास गुप्ता अपने दोस्त संजय की गाड़ी से अर्चना को रात करीब एक बजे फोर्टिज अस्पताल लेकर पहुंचे, तब मामले की जानकारी पुलिस को हुई। साउथ दिल्ली की रहने वाली पेशे से आर्किटेक्ट अर्चना गुप्ता (42) के सिर के पिछले हिस्से में कान के पास गोली लगी थी। गोली सिर में फंसी हुई देखकर डॉक्टरों ने उन्हें ICU में एडमिट कर लाइफ सपोर्ट पर रखा। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, फरार मिले राजू सिंह घटना की सूचना पुलिस को 1 जनवरी 2019 को मिली। इसके बाद पुलिस फार्म हाउस पहुंची, लेकिन राजू सिंह और फायरिंग में शामिल उनके करीबी साथी घटनास्थल से फरार हो चुके थे। घटनास्थल को पानी से साफ कर दिया गया था। इस्तेमाल किए गए कारतूस गायब थे। एक पुलिस अधिकारी के बयान पर हत्या के प्रयास और सबूत नष्ट करने का मामला दर्ज किया गया। अर्चना के पति विकास समेत चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने जांच के दौरान राजू सिंह और उनके ड्राइवर हरी सिंह को उत्तर प्रदेश के कुशीनगर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने तक दोनों को 7 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया था। उधर, अर्चना के पति विकास गुप्ता ने पुलिस को बताया था कि वे फतेहपुर बेरी के मंडी गांव में राजू सिंह के फार्म हाउस में आयोजित पार्टी में गए थे। वे कभी राजू सिंह के भाई संजय सिंह की एक बंद हो चुकी दवा कंपनी में पार्टनर थे। फिलहाल वे गौतम नगर में रियल एस्टेट का कारोबार करते थे और राजू सिंह के भाई से उनका संपर्क बना हुआ था। उन्होंने बताया था कि जैसे-जैसे एक जनवरी की ओर घड़ी की सुईयां बढ़ रही थी, राजू सिंह नशे में धुत होकर नाच रहे थे। इसी दौरान उन्होंने राइफल उठाई और हवा में गोलियां चलाना शुरू दी। कुछ गोलियों के चलने के बाद अर्चना अचानक गिर पड़ीं थी। खून साफ करने के लिए डीजे कर्मियों दिए थे 500-500 रुपए का ऑफर घटना को लेकर 28 सितंबर 2019 को चार्जशीट दाखिल की गई थी। चार्जशीट तैयार करने वाले एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, फायरिंग के बाद राजू सिंह ने घटनास्थल पर मौजूद डीजे कर्मियों और वेटर को फर्श से खून साफ करने के लिए 500-500 रुपए की पेशकश की, लेकिन उन लोगों ने ऐसा करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद उन लोगों को जाने के लिए कहा गया। इसके बाद राजू सिंह की पत्नी रेनू सिंह, उनके भाई राणा राजेश और दोस्त रमिंदर सिंह ने खून साफ ​​किया। उन्होंने खाली कारतूस भी उठाए और पास की झाड़ियों में फेंक दिए। इस मामले में डीजे और विकास गुप्ता के परिवार के 3 सदस्यों समेत 32 गवाहों से पूछताछ की गई थी। अधिकारी के मुताबिक, राजू सिंह ने पूछताछ में डीजे को पैसे देने की पेशकश से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि कोई रिश्वत नहीं दी गई। ये एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना थी। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फार्म हाउस के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, गवाहों के बयान दर्ज किए और राजू सिंह के बयान दर्ज किए। इससे पुष्टि हुई है कि उस रात 3 राउंड गोलियां चलाई गई थीं। राजू सिंह ने अपनी .22 पिस्टल से दो राउंड फायरिंग की थी। जबकि हरि सिंह ने अपनी 315 बोर राइफल से एक गोली चलाई। इनमें एक गोली अर्चना गुप्ता के सिर में जा लगी। जांच में पता चला कि दोनों हथियार लाइसेंसी थे। 24 नवंबर 2023 को तय किए गए थे आरोप दिल्ली की अदालत ने 24 नवंबर 2023 को राजू सिंह के खिलाफ आरोप तय किया था। स्पेशल जज विकास ढुल ने मामले में 3 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आरोप तय किए थे, जिनमें राजू सिंह की पत्नी भी शामिल थी। जिन पर भारतीय दंड संहिता की धारा 201 (सबूतों को गायब करने का कारण बनना) के तहत आरोप लगाया गया था। राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विकास ढुल ने कहा, “आरोपी राजू सिंह की ओर से न्यू ईयर पार्टी में अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग करना ये दर्शाता है कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि भीड़भाड़ वाली पार्टी में गोली चलाने से किसी की जान जा सकती है। इसलिए, आरोपी राजू सिंह प्रथम दृष्टया आईपीसी की धारा 304 (भाग II) और शस्त्र अधिनियम की धारा 30 के तहत आरोप के लिए उत्तरदायी है।”
शिकायतकर्ता विकास के परिवार ने अर्चना की किडनी की थी दान अर्चना को ब्रेन डेड घोषित किए जाने के बाद मामले की शिकायतकर्ता और मृतका के पति विकास गुप्ता ने अर्चना की किडनी दान कर दी थी। अर्चना को फोर्टिज अस्पताल के आईसीयू में लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। दो बच्चों की मां अर्चना गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा थी। अर्चना ने लोरेटो कॉन्वेंट से अपनी स्कूलिंग पूरी की थी। अर्चना एक राइटर और आर्किटेक्ट थी। राजू सिंह के खिलाफ गैर इरादतन समेत 10 FIR दर्ज साहेबगंज‎ के विधायक सह पूर्व मंत्री राजू सिंह‎ पर 10 FIR दर्ज है। ‎दिल्ली के अलावा पटना और ‎मुजफ्फरपुर में भी राजू‎ सिंह पर मामला दर्ज कराया गया‎ था। पिछले साल विधानसभा चुनाव के‎ नामांकन के दौरान दाखिल ‎हलफनामें में उन्होंने सभी 10 ‎मामलों के बारे में चुनाव आयोग को जानकारी दी थी। इन मामलों में हथियार के बल पर‎ धमकी देने, मारपीट करने और सरकारी कर्मचारियों को गोली ‎मारने की धमकी देने आदि के मामले ‎दर्ज हैं। विधायक पर पारू थाने में सीओ से मारपीट करने के साथ कुल 4 FIR दर्ज है। साहेबगंज‎ थाने में विधायक के खिलाफ 2020 और 2024 में ‎FIR दर्ज कराई गई थी।‎ 2017 में विधायक पर पटना के गांधी‎ मैदान थाने में मारपीट करने और ‎धमकाने के मामले में FIR दर्ज कराई गई थी। मुजफ्फरपुर के ‎नगर थाने में 2010 में FIR दर्ज कराई गई थी। साहेबगंज थाने में‎ विधायक पर दर्ज मामले में दो साल ‎बाद भी पुलिस चार्जशीट दाखिल ‎नहीं कर सकी। इस कारण मामला ‎लंबित चल रहा है। चार मामलों में‎ गवाह नहीं आ रहे हैं।‎



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