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स्कूल वैन सड़क से फीट नीचे नहर में गिरी बच्चे हुए घायल साल के मासूम समेत की स्थिति नाजुक स्कूल पहुंचने से पहले…




औरंगाबाद में बुधवार की सुबह स्कूल वैन सड़क किनारे 15 फीट नीचे नहर में गिरी। हादसे में 13 बच्चे घायल हो गए, 3 की स्थिति गंभीर है। स्थानीय लोगों ने वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाल और इलाज के लिए कुटुंबा रेफरल अस्पताल पहुंचाया। आरबी प्रताप (5), हर्ष कुमार और मौली कुमारी की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर किया गया है। ये लोग स्कूल पहुंचते उससे पहले हादसा हो गया। घटना अंबा-नवीनगर मुख्य मार्ग पर तामसी मोड़ के पास की है। मौके से आईं कुछ तस्वीरें… ये बच्चे हुए घायल घायलों में मीरपुर गांव निवासी अमित पासवान की बेटी साक्षी कुमारी (11), कुटुंब बाजार निवासी गोपाल शरण की बेटी साक्षी कुमारी (12), गौतम कुमार का बेटा आदित्य राज (12), सिकरिया निवासी आरबी प्रताप (5), कुटुंबा निवासी ओमप्रकाश मालाकार की बेटी अमी कुमारी (12), प्रदीप कुमार का बेटा लकी राज सैनिक (12), मीरपुर निवासी कुमार सुगंध आर्यन (8), उसकी बहन सृष्टि कुमारी (5), हर्ष कुमार (12), महुआ धाम निवासी आयुष कुमार (10), अक्षय कुमार (7), मिर्जापुर निवासी वैभव गौरव (6), मौली कुमारी (7), आबिद राजा (13) औरअमित कुमार (7) शामिल हैं।
ड्राइवर का बैलेंस बिगड़ा अंबा स्थित संत जेवियर हाई स्कूल की मैजिक वैन कुटुंबा, लखना, महुआ धाम और मीरपुर गांव से बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। तामसी मोड़ के पास अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और वैन सीधे नहर में पलट गई। हादसे के तुरंत बाद ड्राइवर वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, अभिभावक और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।
स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप, कार्रवाई की मांग हादसे के बाद अभिभावकों में भारी आक्रोश देखा गया। उनका आरोप है कि स्कूल प्रबंधन बच्चों के परिवहन के लिए पुराने और जर्जर वाहनों का उपयोग करता है। निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को एक ही वाहन में बैठाया जाता है, जिससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अभिभावकों का कहना है कि इससे पहले भी स्कूल वाहनों से जुड़े हादसे हो चुके हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से स्कूल प्रबंधन और फरार चालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि निजी स्कूलों के वाहनों की नियमित जांच होनी चाहिए और क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।



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