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पीलीभीत में देर रात बड़ा एनकाउंटर लाख रुपए के इनामी सरबजीत को पुलिस ने ठोक दिया चर्चित पप् पू गप् ता हत्याकांड में…



उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बिलसंडा थाना क्षेत्र के शीतलपुर गांव में पुलिस की 1.7 लाख लाख रुपये के इनामी बदमाश सरबजीत सिंह के साथ मुठभेड़ हो गई। इस एनकाउंटर में सरबजीत सिंह ढेर हो गया। सरबजीत के पास से पुलिस को एक सेमी ऑटो पिस्टल, एक 315 बोर का तमंचा व भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं। बदमाश सरबजीत व्यापारी पप्पू गुप्ता की हत्याकांड का मुख्य आरोपित था।

एनकाउंटर के दौरान एक गोली थाना अध्यक्ष के बुलेट प्रूफ जैकेट में जा लगी। वहीं दो सिपाही गोली लगने से घायल हो गए। उनका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार, देर रात सूचना मिली था कि पप्पू गुप्ता हत्याकांड का मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह अपने एक साथी के साथ शीतलपुर गांव के पास मौजूद है। सूचना मिलते ही बिलसंडा थाना पुलिस और एसओजी टीम ने संयुक्त अभियान चलाते हुए इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस टीम को देखते ही बदमाशों ने भागने का प्रयास किया और खुद को घिरता देख पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

क्रॉस फायरिंग में सरबजीत को लगी दो गोली

अचानक हुई फायरिंग से पुलिस टीम ने सुरक्षित मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इसी दौरान चली गोली सरबजीत सिंह के सीने में लगी और वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे तत्काल कब्जे में लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए हायर सेंटर रेफर कर दिया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

दो हत्याओं सहित सरबजीत पर दर्ज थे 12 मुकदमें

बताया जा रहा है कि सरबजीत सिंह के खिलाफ लखीमपुर खीरी और आसपास के जिलों में दो हत्याओं सहित कुल 12 मुकदमे दर्ज थे। वह सुपारी लेकर वारदात को अंजाम देता था और इसके लिए उसने गिरोह भी बना रखा था।

कैसे हुई थी व्यापारी पप्पू गुप्ता की हत्या

बिलसंडा निवासी साइकिल व्यापारी पंकज कटियार का शाहजहांपुर निवासी ससुर रमेंश चंद्र से विवाद चल रहा था। उसने लखीमपुर खीरी के उचौलिया निवाली सरबजीत को सुपारी दी कि पंकज पर हमला करे। बीते 28 मई को शिवम और उसके साथियों ने बिलसंडा बाजार में पंकज पर हमला किया। मगर पड़ोसी दुकानदार पप्पू गुप्ता बीच-बचाव करने पहुंचे गए।

झीनाछपटी होने पर बदमाश पप्पू गुप्ता की गोली मारकर हत्या कर फरार हो गए। अगले दिन रमेश चंद्र, विमल, सीतेश, लकी, संजय, सीताराम राठौर, सुमित और अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। 24 घंटे के अंदर लकी को पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ लिया। उससे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने शिवम उर्फ सरबजीत का नाम मुकदमे में शामिल कर तलाश शुरू की। पुलिस के मुताबिक शिवम सुपारी लेकर वारदात को अंजाम देता था। पप्पू गुप्ता पर शिवम और उसके गिरोह के लोगों ने हमला किया था।



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