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किशनगंज का कोचाधामन थाना बेहतर पुलिसिंग और प्रशासनिक सुधार के मॉडल के रूप में उभर रहा है। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) द्वारा इस थाने को ‘गोद लेने’ के बाद यहां नियमित निरीक्षण और कार्यप्रणाली में सुधार की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में शनिवार को एसपी ने कोचाधामन थाने का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान थाना परिसर की साफ-सफाई, अभिलेखों के रखरखाव, मालखाना, शस्त्रागार, हाजत, CCTNS, आगंतुक कक्ष, कंप्यूटर कक्ष तथा अन्य तकनीकी संसाधनों की बारीकी से जांच की गई। इसके अतिरिक्त, लंबित मामलों, अनुसंधान की प्रगति, रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यालय व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। पुलिस अधीक्षक ने थाने में तैनात पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने फरियादियों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने और आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग के माध्यम से जवाबदेह एवं प्रभावी पुलिसिंग को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। एसपी ने कहा कि अनुशासन, पारदर्शिता और जनसेवा पुलिस व्यवस्था की आधारशिला हैं। कमियों को दूर करने के लिए दिए जाते है मार्गदर्शन बिहार पुलिस की ‘थाना गोद लेने’ की व्यवस्था किसी प्रशासनिक हस्तांतरण से संबंधित नहीं है। यह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मेंटरशिप और सतत निगरानी की एक विशेष पहल है। इसके तहत चयनित थानों का नियमित निरीक्षण किया जाता है, कमियों की पहचान की जाती है और उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं निर्देश दिए जाते हैं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य रिकॉर्ड प्रबंधन को बेहतर बनाना, अनुसंधान की गुणवत्ता में सुधार करना, लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करना, तकनीक आधारित पुलिसिंग को बढ़ावा देना, थाना परिसर को स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखना तथा आम नागरिकों को बेहतर पुलिस सेवा उपलब्ध कराना है। आदर्श मॉडल के रूप में किया जा रहा विकसित पुलिस विभाग का मानना है कि किसी एक थाने की कार्यशैली को व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाकर पूरे जिले की पुलिस व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। इसी सोच के तहत कोचाधामन थाने को आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जिले के अन्य थाने भी इससे प्रेरणा लेकर अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर सकें।
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