![]()
बिहार पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के पहले और दूसरे चरण का आयोजन 14 और 17 जून को राज्य के सभी 38 जिलों में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। करीब 11 लाख अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था।
.
परीक्षा खत्म होने के बाद अब लाखों अभ्यर्थियों के मन में एक ही सवाल है कि प्रश्न पत्र का स्तर कैसा रहा और इस बार कटऑफ कितनी जा सकती है?
इन्हीं सवालों को लेकर हमने प्रतियोगी परीक्षाओं के विशेषज्ञ गुरु रहमान से बातचीत की।
कैसा रहा प्रश्न पत्र?
गुरु रहमान ने बताया कि, ‘14 जून और 17 जून को दोनों दिनों में दो-दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा देकर लौटे बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों से फीडबैक लेने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि प्रश्न पत्र का स्तर मॉडरेट था। कुछ छात्रों को प्रश्न कठिन लगा, जबकि अच्छी तैयारी वाले अभ्यर्थियों ने इसे सामान्य बताया।’
उन्होंने कहा कि, ‘कई अभ्यर्थी आज भी लुसेंट और छोटी गाइड बुक्स के सहारे तैयारी करते हैं, जबकि हाल के वर्षों में परीक्षा का पैटर्न बदल चुका है। अब प्रश्न सीधे एनसीईआरटी और विषय की मूल टेक्स्ट बुक्स से पूछे जा रहे हैं। यही वजह है कि कई छात्रों को प्रश्न पत्र अपेक्षा से कठिन लगा।’
करंट अफेयर्स ने बढ़ाई परेशानी
गुरु रहमान के मुताबिक, ‘इस बार करंट अफेयर्स के कई सवाल वर्ष 2024 की घटनाओं से जुड़े हुए थे। अधिकांश अभ्यर्थी 2025 के अंतिम महीनों और 2026 के करंट अफेयर्स पर ज्यादा फोकस करके परीक्षा देने पहुंचे थे। ऐसे में पुराने करंट अफेयर्स से पूछे गए प्रश्नों ने कई अभ्यर्थियों को चौंका दिया।’
कटऑफ कितनी जा सकती है?
परीक्षा के स्तर और अभ्यर्थियों के फीडबैक के आधार पर गुरु रहमान ने संभावित कटऑफ का अनुमान भी लगाया है।
- सामान्य (General) : 72 से 75 अंक
- ओबीसी (OBC) : 71 से 73 अंक
- ईडब्ल्यूएस (EWS) : 68 से 70 अंक
उन्होंने कहा कि, ‘जिन अभ्यर्थियों के 70 या उससे अधिक अंक बनने की संभावना है, उन्हें अब परिणाम का इंतजार करने के बजाय फिजिकल टेस्ट की तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। अंतिम चयन लिखित परीक्षा के अंकों पर नहीं बल्कि फिजिकल दक्षता परीक्षा में प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।’
प्रश्न पत्र वायरल होने पर उठाए सवाल
गुरु रहमान ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए एक बड़ा सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि, ‘अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में मोबाइल, स्मार्ट वॉच, पेन सहित कई चीजें ले जाने की अनुमति नहीं थी। यहां तक कि अभ्यर्थियों की कड़ी जांच और फ्रिस्किंग की गई थी। ऐसे में यदि प्रश्न पत्र परीक्षा के दौरान या बाद में बाहर आया है तो इसकी जांच होनी चाहिए।’
उन्होंने कहा कि, ‘प्रश्न पत्र कहां से बाहर आया, यह जांच का विषय है, लेकिन आयोग को इस दिशा में गंभीरता से काम करना चाहिए।’
साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि परीक्षा के बाद आयोग को आधिकारिक आंसर-की भी जारी करनी चाहिए।
दो चरणों में 47 अभ्यर्थियों पर कार्रवाई
सिपाही भर्ती परीक्षा में कदाचार रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह सख्त दिखा। 14 जून को आयोजित पहले चरण की परीक्षा में कदाचार के आरोप में 10 अभ्यर्थी पकड़े गए। इनमें 7 की गिरफ्तारी हुई और 10 प्राथमिकी दर्ज की गई।
वहीं, 17 जून को आयोजित दूसरे चरण की परीक्षा में 37 अभ्यर्थी पकड़े गए। इनमें 28 गिरफ्तार किए गए, 4 को परीक्षा से निष्कासित किया गया तथा 30 FIR दर्ज हुईं।
इस तरह दोनों चरणों को मिलाकर अब तक 47 अभ्यर्थियों पर कार्रवाई, 35 गिरफ्तारियां और 40 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। केंद्रीय चयन पर्षद का कहना है कि भर्ती परीक्षा को हर हाल में पारदर्शी और कदाचारमुक्त बनाया जाएगा।
पाटलिपुत्र स्टेशन पर बिगड़ गई थी स्थिति
14 जून को परीक्षा समाप्त होने के बाद पाटलिपुत्र स्टेशन पर भारी भीड़ जुट गई थी। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करना पड़ा। भीड़ को हटाने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग भी की थी।
इस दौरान कुछ अभ्यर्थी ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए थे और रेलवे ट्रैक पर उतरकर ट्रेनों का परिचालन बाधित कर दिया था। उपद्रवियों द्वारा पथराव किए जाने से कई ट्रेनों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए थे।
अभ्यर्थियों के लिए चलाई गईं 30 से अधिक स्पेशल ट्रेनें
दूसरे चरण की परीक्षा को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए 16 और 17 जून को 30 से अधिक परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया था। इससे पहले 14 जून को आयोजित परीक्षा के दौरान पूर्व मध्य रेल और उत्तर रेलवे ने 19 परीक्षा स्पेशल ट्रेनों का सफल संचालन किया था।
रेलवे का कहना था कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की आवाजाही को देखते हुए अतिरिक्त ट्रेनों की व्यवस्था की गई थी, ताकि किसी को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने या घर लौटने में परेशानी न हो।