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सीवान के सिसवन थाना क्षेत्र में पिछले दिनों हुई दो अलग-अलग निर्मम हत्याओं का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने बताया कि दोनों हत्याओं के पीछे पूरे इलाके में भय और आतंक का माहौल कायम करना मुख्य उद्देश्य था। मामले का मुख्य आरोपी प्रकाश राम अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मृतक अपने घर के बाहर सो रहे थे एसपी ने बताया कि 2 जून की रात हरिहर छपरा गांव में राकेश कुमार राम तथा 5 जून को ग्यासपुर के साईपुर गांव में सोहन राम की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। दोनों घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस को कई समानताएं मिलीं। दोनों मृतक अपने घर के बाहर सो रहे थे और वारदात रात 11:30 बजे से सुबह 2 बजे के बीच अंजाम दी गई थी। इसी आधार पर पुलिस को दोनों घटनाओं में एक ही गिरोह की संलिप्तता का संदेह हुआ। एसआईटी का गठन किया गया मामले के त्वरित खुलासे के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और गहन जांच के आधार पर पुलिस ने साईपुर चरगछिया गांव निवासी मृत्युंजय राम, ब्रजेश राम और अभिषेक राम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मुख्य आरोपी प्रकाश राम के निर्देश पर हत्याओं को अंजाम दे रहे थे। पुलिस के अनुसार गिरोह का मकसद क्षेत्र में दहशत फैलाकर प्रकाश राम का आतंक स्थापित करना था। जांच में यह भी सामने आया कि अपराधी आगे भी ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। 7 जून को एक और हत्या की साजिश रची गई थी तथा इसके लिए गांव भी चिन्हित कर लिया गया था, लेकिन पुलिस की सतर्कता और लगातार निगरानी के कारण यह वारदात समय रहते विफल कर दी गई। अंतिम छोर पर स्थित घरों को निशाना बनाते थे एसपी ने बताया कि अपराधी गांव के अंतिम छोर पर स्थित घरों को निशाना बनाते थे, ताकि घटना के बाद आसानी से फरार हो सकें। गिरफ्तार आरोपी मृत्युंजय राम ने पूछताछ में बताया कि प्रकाश राम ने हत्या के बदले ढाई से तीन लाख रुपये देने का लालच दिया था।
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