
दिल्ली के मालवीय नगर में प्लोरिश स्टे होटल में लगी आग के बाद अब दर्दनाक घटनाएं सामने आ रही हैं। बुधवार सुबह लगी इस भीषण आग में 21 लोगों की जान चली गई। इनमें एक दंपति भी शामिल था, जो आखिरी सांस तक एक-दूसरे को बाहों में जकड़े हुए थे।
‘द फ्लोरिश स्टे’ बीएंडबी में आग सुबह करीब 8:30 बजे लगी। बताया जा रहा है कि आग की शुरुआत बेसमेंट में शॉर्ट सर्किट से हुई। होटल पांच मंजिला था और इसमें 25 कमरे चल रहे थे, जबकि अनुमति सिर्फ 6 कमरों की थी।
आग लगने के बाद कई लोग बचने की कोशिश में भागे। लेकिन एक जोड़ा ग्राउंड फ्लोर के वॉशरूम में घुस गया। उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। शायद सोचा कि यहां आग की लपटें नहीं पहुंचेंगी। इस की दंपति बेहद दुखद मौत हो गई। दोनों आखिरी सांस तक एक-दूसरे की गोद में थे।
जब लोग बचाव कार्य कर रहे थे, तो होटल के ग्राउंड फ्लोर पर एक वॉशरूम का दरवाजा अंदर से बंद मिला। दरवाजा तोड़कर अंदर गए तो जो नजारा देखा, वो देखकर सबकी आंखें नम हो गईं।
एक महिला टॉयलेट सीट पर बैठी हुई थी और एक पुरुष कुर्सी पर उसके बगल में बैठा था। दोनों एक-दूसरे को कसकर जकड़े हुए थे। उनकी मौत आग से नहीं, बल्कि धुएं से हुई थी। दोनों ने खुद को वॉशरूम के अंदर बंद कर लिया था, उम्मीद थी कि यहां आग नहीं पहुंचेगी। लेकिन घना धुआं उनके लिए घातक साबित हुआ।
3 जून 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे मालवीय नगर के ‘द फ्लोरिश स्टे’ नाम के बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में आग लग गई। आग की लपटें तेजी से फैलने लगीं। इस हादसे में कुल 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 12 विदेशी भी शामिल थे। जांच में पता चला कि होटल में कई गड़बड़ियां थीं।
होटल में आग से बचाव का कोई सर्टिफिकेट (NOC) नहीं था, खिड़कियां बंद थीं, सिर्फ 6 कमरों की अनुमति थी, लेकिन 25 कमरे चलाए जा रहे थे। ये घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि लापरवाही की वजह से हुई त्रासदी है। एक दंपति अपनी आखिरी सांस तक एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ सका।