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मधेपुरा में पत्नी की हत्या के एक मामले में व्यवहार न्यायालय ने आरोपी पति को दोषी करार देते हुए 7 वर्ष की सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एडीजे-9 रघुवीर प्रसाद की अदालत ने गुरुवार को यह फैसला सुनाया। यह मामला 19 मार्च 2020 का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार पूर्णिया जिले के शिशवा निवासी भूटो ऋषिदेव ने अपनी बेटी रेम्पा कुमारी की हत्या का आरोप उसके पति नुनुलाल ऋषिदेव पर लगाया था। नुनुलाल मुरलीगंज थाना क्षेत्र के दिग्घी का निवासी है। पत्नी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था भूटो ऋषिदेव ने मुरलीगंज थाना में दर्ज कराए गए मामले में बताया था कि उनकी बेटी रेम्पा की शादी जनवरी 2020 में नुनुलाल ऋषिदेव से हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा दहेज की मांग को लेकर रेम्पा कुमारी को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। पीड़िता का मायका आर्थिक रूप से कमजोर था, जिसके कारण परिजन दहेज की मांग पूरी नहीं कर सके। आरोप है कि इसी वजह से 19 मार्च 2020 को रेम्पा कुमारी की हत्या कर दी गई। 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर एडिशनल पीपी जयनारायण पंडित ने अदालत में पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलों, उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी नुनुलाल ऋषिदेव को दोषी पाया। इसके बाद न्यायालय ने आरोपी को 7 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनाई और 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत के इस फैसले को पीड़ित परिवार के लिए एक महत्वपूर्ण न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।
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