पटना6 मिनट पहले
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IPL 2025 में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने शानदार प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा।
1.10 करोड़ रुपये में खरीदे गए वैभव ने अपने पहले ही मैच में शार्दुल ठाकुर की गेंद पर छक्का जड़कर यादगार शुरुआत की।
उसी सीजन में शतक लगाकर खुद को साबित भी किया, लेकिन वैभव की सफलता के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि लगातार मेहनत, पिता का त्याग, अनुशासन और टीम के लिए खेलने की सोच छिपी है।
वैभव ने अपने क्रिकेट सफर, निजी पसंद, परिवार और भविष्य के सपनों को लेकर खुलकर बातें कीं।

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी हॉबी से लेकर कई चीजें बताईं।
पहली गेंद पर छक्का और पहला शतक बना यादगार पल
वैभव सूर्यवंशी ने एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अपने आईपीएल डेब्यू को याद करते हुए कहा, पहला मैच मेरे जीवन का बेहद खास पल था। शार्दुल ठाकुर की गेंद पर पहली ही बॉल पर लगाया गया छक्का आज भी सबसे खूबसूरत यादों में शामिल है।
उन्होंने कहा, उसी सीजन में शतक लगाना उनके और उनके परिवार के लिए गर्व का पल था। आईपीएल करियर की शुरुआत अच्छी हुई और अब वह उसी आत्मविश्वास को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
टीवी पर दिखने वाले लोगों के मैसेज देखकर होता है प्राऊड
वैभव ने बताया, उनके लिए सबसे खास बात यह रही कि जिन खिलाड़ियों और लोगों को वह बचपन से टीवी पर देखते आए थे, वही अब उन्हें मैसेज कर बधाई दे रहे हैं।
कहा, हर व्यक्ति का संदेश उनके लिए बेहद खास और ग्रेटफुल मोमेंट था। इससे उन्हें आगे बेहतर करने की प्रेरणा मिली और खुद पर प्राऊड भी होता है।

पिता की संघर्ष को बताया सफलता की असली वजह
वैभव ने कहा, वह अपनी जिंदगी की हर बात अपने पिता से साझा करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता ने क्रिकेट के लिए काफी त्याग किए हैं।
काम से लेकर ट्रेनिंग तक हर जगह पिता ने उनका साथ दिया। वैभव ने कहा कि आज जो कुछ भी वह हैं, उसमें उनके पिता की मेहनत और संघर्ष का सबसे बड़ा योगदान है।

खाली समय में कार्टून देखकर करते हैं रिलैक्स
मैदान पर आक्रामक बल्लेबाजी करने वाले वैभव निजी जिंदगी में बेहद साधारण पसंद रखते हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से उन्हें कार्टून देखना पसंद है। आज भी जब उन्हें मानसिक शांति या रिलैक्स महसूस करना होता है तो वह कमरे में बैठकर कार्टून देखते हैं।
वैभव ने बताया कि उन्हें घर का खाना सबसे ज्यादा पसंद है। उन्होंने कहा कि घर में जो भी बनता है, वह खुशी से खाते हैं। हालांकि चीट मील की बात करें तो उन्हें आइसक्रीम बेहद पसंद है।
100 रन से ज्यादा जरूरी टीम की जीत
वैभव ने कहा कि अगर वह 100 रन बनाकर टीम को नहीं जिता पा रहे और दूसरी ओर 80 रन बनाकर टीम जीत रही है, तो उनके लिए 80 रन ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट आखिरकार टीम गेम है और टीम जितना लंबे समय तक टूर्नामेंट में बनी रहेगी, उतना ज्यादा मौका खिलाड़ियों को खुद के रिकॉर्ड बनाने का भी मिलेगा।
अंडर-19 वर्ल्ड कप से लौटते ही मांगा प्रैक्टिस सेशन
वैभव ने बताया कि अंडर-19 ICC वर्ल्ड कप से लौटने के बाद करीब 20 घंटे की लंबी यात्रा के बावजूद उन्होंने तुरंत बैटिंग प्रैक्टिस की मांग की थी। बचपन से ही पिता ने उन्हें लगातार अभ्यास की आदत डाली है। अगर वह प्रैक्टिस नहीं करते तो उन्हें लगता है कि जिंदगी धीमी पड़ गई है।
वैभव ने कहा, आईपीएल करीब था और उन्हें अलग फॉर्मेट खेलना था, इसलिए उन्होंने तुरंत अभ्यास शुरू करना जरूरी समझा।

सपोर्ट स्टाफ और कोच को देना चाहते हैं ट्रॉफी का श्रेय
वैभव ने राजस्थान रॉयल्स के सपोर्ट स्टाफ और कोचिंग टीम की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अगर टीम ट्रॉफी जीतती है, तो वह उसे कोच और सपोर्ट स्टाफ को डेडिकेट करना चाहेंगे।
उन्होंने कहा कि हर टूर्नामेंट में कोच एक-एक खिलाड़ी के पीछे मेहनत करते हैं, उन्हें ट्रेनिंग देते हैं और लगातार मोटिवेट करते हैं। इसलिए जीत का सबसे बड़ा हकदार सपोर्ट स्टाफ और फैंस भी होते हैं।
वैभव ने कहा, वह बचपन से लगातार अपने खेल पर मेहनत कर रहे हैं। आगे भी खुद को बेहतर बनाने की कोशिश जारी रखेंगे।

युवा खिलाड़ियों को दी खास सलाह
अपने उम्र के बच्चों और युवा खिलाड़ियों को संदेश देते हुए वैभव ने कहा, जिंदगी में एक-एक सीढ़ी चढ़नी चाहिए, एक साथ बड़ी छलांग लगाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
चाहे क्रिकेट हो या पढ़ाई, हर क्षेत्र में मेहनत सबसे जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति पूरी ईमानदारी और 100 प्रतिशत समर्पण के साथ मेहनत करता है, तो उसे कभी न कभी सफलता जरूर मिलती है।
