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बांका के बौंसी थाना क्षेत्र अंतर्गत मदारी गांव में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। मंदार महोत्सव सह बौसी मेला देखकर घर लौट रहे 40 वर्षीय युवक की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान मदारी गांव निवासी कौशल मंडल के रूप में हुई है। हादसे के बाद गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मेला देखकर लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, कौशल मंडल अपने एक साथी के साथ बाइक से मंदार महोत्सव सह बौसी मेला देखकर घर लौट रहे थे। दोनों बाइक सवार जैसे ही मदारी गांव के समीप पुल के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार संतुलन खो बैठे और पुल के नीचे जा गिरे। टक्कर इतनी तेज कि पुल के नीचे गिरे दोनों प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आमने-सामने की टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर नहीं रुक सके, बल्कि सीधे पुल के नीचे गिर पड़े। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घटना की सूचना पुलिस को दी और घायलों की मदद के लिए आगे आए। अस्पताल में इलाज के दौरान मौत स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को आनन-फानन में बौंसी रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। वहां डॉक्टरों ने गंभीर रूप से घायल कौशल मंडल का इलाज शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं, दूसरे बाइक सवार की हालत गंभीर बताई जा रही है और उसका इलाज अस्पताल में जारी है। पुलिस ने भेजा शव पोस्टमार्टम के लिए घटना की सूचना मिलते ही बौंसी थाना अध्यक्ष राजरतन कुमार के निर्देश पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की जा रही है। दिल्ली में ड्राइवर का काम करता था मृतक ग्रामीणों ने बताया कि मृतक कौशल मंडल दिल्ली में रहकर ड्राइवर का काम करता था और वहीं से अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। कुछ दिन पहले ही वह दिल्ली से गांव आया था। परिवार के साथ समय बिताने और मेला देखने के बाद यह हादसा हो गया, जिसने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। चार छोटे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया मृतक के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कौशल मंडल के चार छोटे-छोटे बच्चे हैं, जिनमें एक पुत्र और तीन पुत्रियां शामिल हैं। पत्नी वंदना देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। बच्चों की आंखों से पिता के जाने का गम साफ झलक रहा है। परिजन और रिश्तेदार उन्हें ढांढस बंधाने में लगे हैं। आर्थिक संकट में फंसा परिवार ग्रामीणों के अनुसार, मृतक का परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर था। कौशल मंडल ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। अब उसके असमय निधन से परिवार के सामने रोजी-रोटी और बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। गांव के लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं और पीड़ित परिवार की मदद की बात कर रहे हैं। गांव में पसरा मातम हादसे की खबर फैलते ही पूरे मदारी गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घर-घर मातमी सन्नाटा छा गया। लोग इस दर्दनाक हादसे को याद कर गमगीन नजर आए। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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