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करोड़ के फ्रॉड केस में आरोपी को जमानत नहीं कारोबारी पर मंदिर निर्माण के नाम पर विदेशों से चंदा लेने का आरोप पीड़ित…




बिहारशरीफ में धर्म, आस्था और सेवा की आड़ में धोखाधड़ी का एक ऐसा जाल बिछाया गया, जिसने आम लोगों की श्रद्धा को शर्मसार कर दिया है। ‘जॉन डियर’ ट्रैक्टर शोरूम के मालिक नीतीश कुमार उर्फ ‘डबलू’, जो अपनी धार्मिक छवि और खाटू श्याम भक्ति के दम पर समाज में रसूख बनाए हुए थे, अब एक बड़ी जमीन ठगी मामले में न्यायिक हिरासत में हैं। उन पर जमीन के नाम पर 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप है। रामचंद्रपुर के कारोबारी बीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि आरोपी नीतीश कुमार के साथ उनकी दोस्ती करीब ढाई साल पुरानी थी। आरोपी ने उन्हें सिपाह मौजा में 10 डिसमिल जमीन का सौदा दिखाया था। पीड़ित ने बताया कि नीतीश ने उन्हें विश्वास में लेकर निवेश के नाम पर जमीन लेने को मजबूर किया। जालसाजी की पराकाष्ठा तब देखने को मिली, जब 27 जनवरी 2026 को आरोपी ने जमीन के असली मालिक (जो दिल्ली में रहते हैं) की जगह एक फर्जी व्यक्ति को ‘जितेंद्र प्रसाद’ बनाकर खड़ा कर दिया। आरोपी ने उस फर्जी व्यक्ति का नकली आधार कार्ड भी तैयार करवाया था, जिसके सहारे पीड़ित से 3 करोड़ रुपए की मोटी रकम एग्रीमेंट के नाम पर ऐंठ ली गई। जमीन की नापी के दौरान सामने आया फर्जीवाड़ा 14 फरवरी 2026 को जब पीड़ित जमीन की नापी कराने पहुंचे, तो सच्चाई सामने आई कि जिस जितेंद्र प्रसाद के नाम पर जमीन बेची गई थी, वे तो दिल्ली में हैं और उन्होंने अपनी जमीन बेची ही नहीं है। इसके बाद 15 फरवरी को नीतीश के घर पर एक पंचायती बुलाई गई। वहां आरोपी ने 3 करोड़ रुपए लेने की बात स्वीकार तो की, लेकिन अपनी शातिर चाल चलते हुए 5 हजार रुपए के नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर पर उसे ‘जमीन की बिक्री’ के बजाय ‘कर्ज’ लिखवा लिया। बाद में वह समझौते से भी मुकर गया। संगठित गिरोह और काले कारनामों की फेहरिस्त पीड़ित बीरेंद्र प्रसाद का दावा है कि नीतीश कुमार एक संगठित गिरोह चलाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने मंदिर निर्माण के नाम पर विदेशों और स्थानीय लोगों से करोड़ों रुपए का चंदा अपने निजी बैंक खातों में मंगवाया, जबकि न तो कोई ट्रस्ट बना और न ही कोई ऑडिट हुआ। इसके अलावा, आरोपी पर वर्ष 2010-12 के दौरान अपने ही शोरूम में आग लगाकर 1.30 करोड़ रुपए का बीमा क्लेम हड़पने का आरोप,एसबीआई और कॉर्पोरेशन बैंक के जरिए सैकड़ों किसानों के नाम पर फर्जी लोन निकलवाने का मामला, जिसकी सीबीआई जांच चल रही है।
कोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से किया इनकार इस मामले में 13 जून 2026 से न्यायिक हिरासत में बंद नीतीश कुमार उर्फ डबलू को अदालत से कोई राहत नहीं मिली है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कुलदीप सिंह की अदालत में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान, पीड़ित के वकील ने आरोपी के पुराने आपराधिक इतिहास और साक्ष्यों की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया। अदालत ने मामले की नजाकत को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की सघन जांच कर रही है। पीड़ित बीरेंद्र प्रसाद का कहना है कि उन्होंने अपनी जमीनें गिरवी रखकर और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर नीतीश को यह रकम दी थी, और अब वे न्याय की गुहार लगा रहे हैं। आस्था के नाम पर रची गई यह साजिश बिहारशरीफ के लोगों के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।



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