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तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे लाल किले पर झंडा फहराने के बाद मोदी ने लिया संकल्प बोले दुनिया भारत के प्रति नजरिया बदलने…



PM Modi Speech: 80वें स्‍वतंत्रता दिवस के मौके पर हर बार की तरह इस बार भी लाल किले की प्राचीर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तिरंगा फहराया और अपना भाषण दिया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में देश को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी और देश के कुछ हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति पर चिंता जताते हुए आजादी के लिए बलिदान दिए लोगों को भी याद किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत ने भी एक बहुत बड़ा सपना देखा है, दृढ़ संकल्प के साथ देखा है। नई ऊंचाइयों को छूने के लिए देखा है। वो सपना है जब आजादी के 100 साल होंगे, 2047 में हम विकसित भारत बनाकर रहेंगे। 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से इस लक्ष्य को हमें हासिल करना है। दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश विकसित होने का संकल्प लेता है तो ये दुनिया की नजरों में भी हमारे साहस का परिचायक बन जाता है। दुनिया हमारी ओर देखने का नजरिया बदलने को मजबूर हो जाती है।

उन्होंने आगे कहा कि देश आजाद हुआ, बहुत सारे सपने लेकर आजाद हुआ लेकिन हम गति नहीं पकड़ पाए, रफ्तार नहीं पकड़ पाए, होती है-चलती है, हो जाएगा-देखा जाएगा, इसी में खोए रहे। 2014 तक आते-आते तो पूरे विश्व ने हमें ‘फ्रेजाइल फाइव’ में डंप कर दिया था। ऐसे समय में पिछले 12 साल में भारत ने एक नई रफ्तार पकड़ी है। तेज गति से हम आगे बढ़ रहे हैं। देश-राज्यों का संकल्प है कि अब 140 करोड़ देशवासियों के संकल्प को, सामर्थ्य को रोक पाना नामुमकिन है।

‘हम ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प लेकर आगे बढ़ रहे’

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि पिछले कुछ वर्षों में हमारा दृढ़ विश्वास रहा है कि भारत को अब दूसरे देशों पर निर्भर रह कर नहीं जीना है। हमें आत्मनिर्भर बनना चाहिए। दुनिया में बहुत कुछ मिलता है, सस्ता मिलता है, जल्दी मिलता है लेकिन उससे हमारा सामर्थ्य तैयार नहीं होता। इसलिए हमें भी अपनी क्षमताओं को बढ़ाना है। अपने हितों की सुरक्षा हमें खुद करनी है इसलिए आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लेकर हम आगे बढ़ रहे हैं।

कच्चे तेल का जिक्र कर क्या बोले PM मोदी?

वे आगे कहते हैं कि कई बार संसाधनों की कमी के कारण देश रुकता नहीं है लेकिन रुकने का कारण सोच की सीमाएं होती हैं। जब सोच बंध जाती है, सीमाओं में सड़ने लग जाती है तब हम अपने सामर्थ्य को भी पहचान नहीं पाते हैं। देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है और हमारी गलत सोच के कारण है। आप जानकर हैरान रह जाएंगे, हमने समुद्री तट पर, 99% हमारा समुद्री तट का पूरा हिस्सा ऐसी सोच के कारण ‘नो-गो एरिया’ घोषित कर रखा है। हमने ही समुद्र के अंदर जाकर अन्वेषण न करने का निर्णय कर लिया था। ये सोच का दायरा था। हमने फैसला किया कि ये नहीं चल सकता। हमने उस 99 प्रतिशत क्षेत्र को ‘गो-अहेड एरिया’ के रूप में खुला कर दिया है। हम समुद्र के भीतर भी नए-नए भंडार खोजने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं। 



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