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औरंगाबाद के देव प्रखंड के बाबू खडीहा गांव में आज गांव से दूर रह कर भी गांव के प्रति प्रेम की झलक दिखी। यहां 2000 दलित, महादलित, कमजोर और पिछड़े वर्ग के लोगों के साथ मकर संक्रांति का महापर्व मनाया गया। इस दौरान सभी को चूड़ा, दही, तिलकुट खिलाया गया। साथ ही उन्हें कम्बल देकर विदा किया गया। यह आयोजन पिछले 21 साल से हो रहा है। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला परिषद की उपाध्यक्ष किरण सिंह, वरीय राजद नेता इंजीनियर सुबोध कुमार सिंह, देव व्यापार मंडल के अध्यक्ष अरविंद सिंह,उदय प्रताप सिंह, संजीव कुमार सिंह उर्फ राजू आदि ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। लोगों को आभार किया व्यक्त अपने संबोधन में उपाध्यक्ष ने इस कार्यक्रम की न सिर्फ सराहना की बल्कि इस आयोजन से जुड़े लोगों के प्रति आभार भी व्यक्त किया। जो तन मन धन से निस्वार्थ भाव से इस परमार्थ का काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस ठंड में कांपते बदन को कम्बल का सहारा देकर उन्हें कृतार्थ किया है,उससे बड़ा पुण्य नहीं हो सकता। वरीय राजद नेता सुबोध सिंह ने कहा कि इस आयोजन के सूत्रधार गांव के ही देव कुमार सिंह हैं। जो अभी रामगढ़ रांची के वासी हो गए है। लेकिन गांव से दूर रह कर भी उनकी आत्मा अपने पूरे पंचायत के लोगों के साथ जुड़ी है और पिछले 21 साल से उनके दिशा निर्देश पर यह आयोजन निर्बाध गति से चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज अस्वस्थता के कारण वे यहां उपस्थित नहीं हो सके है, लेकिन उनके प्रतिनिधि बनकर उदय प्रताप सिंह यहां मौजूद है। राजद नेता ने कहा कि यहां की मिट्टी का प्यार ही सभी को अपने परिवार और समाज से जोड़ रखा है और यह प्यार आगे भी बरकरार रहेगा।
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