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बेगूसराय में बुधवार को करीब 15 करोड़ रुपए की जमीन पर बाउंड्री बनाने को लेकर दो पक्ष आपस में भिड़ गए। जमीन के मालिक के मुताबिक, भूमाफिया ने करीब100 राउंड फायरिंग की है। करीब 100 बदमाश मौके पर पहुंचे थे। फायरिंग में 4 लोगों को गोली लगी है। सभी को अलग-अलग हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। इस दौरान मौके पर जुटे लोगों ने 2 बदमाशों को पकड़ लिया और जमकर उनकी पिटाई कर दी। बदमाशों की कुल 16 बाइक बरामद की गई है। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र में चंदवारा गांव के पास की है। जमीन कब्जा करने के लिए 2 गैंग को 50 लाख रुपए दिए गए थे। यही नहीं कब्जे करने के बाद बदमाश वहां मटन पार्टी करने वाले थे, पहले से ही इसकी तैयारी की गई थी। सबसे पहले मौके से आई 3 तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला जमीन पर कब्जे को लेकर जून से ही विवाद चल रहा था। विवादित जमीन को अपना बताने वाले और उसके पास ही भव्य सिटी नाम से कॉलोनी बनाने वाले राजा मनोज ने बेगूसराय के दो चर्चित अपराधियों से संपर्क किया था। दोनों गैंग से एक करोड रुपए में इस जमीन पर घेराबंदी करने की डील हुई थी। दोनों गैंग को 50 लाख रुपए देने के अलावा हथियार के बल पर बाउंड्री कराने के लिए आने वाले लोगों के लिए विवादित जमीन के बगल में ही पार्टी का इंतजाम किया गया था। इसके लिए दो खस्सी (बकरा) काटे गए थे। खाना बनाने के लिए कारीगर को भी रखा गया था। हालांकि गोलीबारी के बाद आक्रोशित लोगों ने खाना बनाने के सभी सामान को फेंक दिया। चंदवारा गांव में एक संपन्न यादव परिवार रहता था। जो अपने समय में यादव के बदले महतो टाइटल लिखता था। इस परिवार के साहेब महतो, ठाकुर महतो, तोता महतो और दिलीप महतो की 1 बीघा 9 कट्ठा 6 धूर जमीन पचंबा गांव के पास उसी मौजा में थी। जबकि पचंबा के रामाशीष सिंह परिवार की इतनी ही जमीन चंदवारा गांव के पास थी। 1960 में जमीन की अदला-बदली हुई थी 1960 के दशक में दोनों ने समझौता करके जमीन की अदला-बदली कर ली। जिस जमीन को लेकर विवाद हुआ वो जमीन रामाशीष सिंह ने यादव परिवार को दे दी, उसके बदले यादव परिवार ने 1 बीघा 9 कट्ठा 6 धूर जमीन रामाशीष सिंह को पंचबवा गांव में दी। इस समझौते के बाद सिंह परिवार से बदली गई जमीन कब्जे में ले ली। जबकि साहेब महतो के परिवार की खाता नंबर- 347, खेसरा नंबर- 893 की इस जमीन को 1980-85 के फर्जी तरीके से ब्रह्मदेव मंडल को बेच दी। लेकिन यह जमीन यादव परिवार के कब्जे में ही रही। साल 2000 में मंडल ने यह जमीन बेगूसराय जिला मुख्यालय के मियाचक चट्टी रोड के रहने वाले कृष्ण प्रसाद गुप्ता के बेटे राजा मनोज और राजकुमार गुप्ता को बेच दी। जमीन कारोबारी राजा मनोज ने जमीन का मोटेशन तो करवा लिया, लेकिन वह जमीन पर कब्जा नही कर पा रहा था। बगल में ही राजा मनोज और उसके भाई ने और जमीन खरीदी और 2015-16 में इस पर भव्य सिटी के नाम से कॉलोनी बनवाना शुरू किया। 15 करोड़ की जमीन पर कब्जे के लिए 2 गैंग को दी सुपारी जून महीने से प्रोग्राम बनना शुरू हुआ कि चंदवारा के इस बेशकीमती 15 करोड की जमीन पर कब्जा कर लिया जाए, लेकिन मौका नहीं मिल रहा था। पिछले सप्ताह सब प्लान तैयार कर लिया गया। जमीन कब्जा कराने वाले दोनों गैंग को 50 लाख रुपए एडवांस भी दे दिया गया। इसके बाद प्लान बना कि बुधवार की सुबह सभी लोग पिलर करने वाला ट्रैक्टर, जेसीबी और युवकों के साथ जाएंगे और जमीन पर बाउंड्री कर उसे अपने कब्जे में ले लेंगे। बुधवार की सुबह करीब 9 बजे जेसीबी और ट्रैक्टर लेकर कुछ लोग वहां पहुंचे। इसके बाद धीरे-धीरे बाइक सवार लोग भी मौके पर पहुंचे और पिलर का काम शुरू कर दिया। 10 मिनट के बाद जब केबी यादव और उसके गोतिया को जानकारी मिली कि उनकी जमीन पर फिर बाउंड्री की जा रही है। वो लोग जमीन के कागजात लेकर मौके पर पहुंचे। मौक पर पहुंचने के बाद उन लोगों ने कहा कि यह जमीन मेरी है और आप बाउंड्री नहीं कर सकते हैं। अगर आपकी जमीन है तो सही कागज दिखाइए। इसी बात को लेकर दोनों पक्ष के बीच बहस होने लगी 9:30 बजे पहली गोली चली। इसके बाद लगातार गोली चलने लगी, 10 राउंड से अधिक फायरिंग होने के बाद गांव के लोग एकजुट हुए। लोगों को एकजुट होता देख पिस्तौल से लैस सभी बदमाश ताबड़तोड़ फायरिंग करने लगे। लेकिन गांव वाले भी एकजुट हुए और उन लोगों पर ईंट-पत्थर से हमला कर दिया तो सभी बदमाश भागने लगे। इस दौरान बदमाशों की 16 बाइक भी मौके पर ही रह गई, जिसे गांव वालों ने तोड़ दिया। पुलिस के सामने पिटाई की गई इधर सूचना मिलते ही 9:50 बजे पुलिस की गाड़ी पहुंची। इसी बीच कुछ लोग भव्य सिटी में घुस गए। वहां छुपे राजा मनोज सहित दो लोगों को पकड़ लिया। इसके बाद पुलिस के सामने ही उसकी पिटाई की गई। पुलिस बचाती रही, लेकिन लोग काफी आक्रोशित थे। राजा मनोज और उसके साथ मौजूद एक अन्य को जमकर पीटा गया। जमीन की कीमत 50 से 60 लाख रुपए कट्ठा स्थानीय लोगों के मुताबिक बेगूसराय सदर प्रखंड कार्यालय से मात्र 200 मीटर की दूरी पर स्थित यह जमीन काफी कीमती है। साल 2000 में यहां आस-पास में यह जमीन 5000 रुपए प्रति कट्ठा बिक रही थी, लेकिन शहर के ठीक बगल में नया एरिया डेवलप होने के कारण आज यहां की जमीन 50 से 60 लाख रुपए प्रति कट्ठा बिक रही है। एसपी मनीष ने बताया कि कंकौल में जमीन विवाद के कारण हिंसक झड़प में गोलीबारी की सूचना पर पुलिस टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। FSL जांच कराई गई है। गोलीबारी की घटना में सनोज यादव (25), धनवीर यादव (55), संटू यादव (30) एवं धीरज यादव (24) का इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। भास्कर इनसाइटः कभी पानी से भरा गड्डा आज बेशकीमती जमीन
जिस जमीन पर कब्जा को लेकर विवाद हुआ है, वह जमीन कभी पानी से भरा रहता था। बाद में पानी से भरा जमीन भर गया और पानी जमा होना भी कम हो गया। यह जमीन ब्लॉक ऑफिस और स्टेट हाईवे -55 से महज 200 मीटर दूर सड़क के किनारे हैं। जमीन के आसपास आलीशान भवन है। सुलो यादव ने बताया कि यह हमारी खतियानी जमीन है। विवादित जमीन मंडलवा खड्डा कहलाता है। यह मंडल यादव के परिवार की जमीन है। सर्वे में पता चला कि यह जमीन सुलो यादव के पूर्वजों की है। यही से विवाद शुरू हुआ
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