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पटना नगर निगम के कर्मियों ने आज कंकड़बाग अंचल में प्रदर्शन किया। दैनिक कर्मियों के नियमति करने, आउटसोर्स व्यवस्था की समाप्ति कर आउटसोर्स कर्मियों का निगमकर्मी के रूप में एडजस्टमेंट, आउटसोर्स के द्वारा मानव बल की चोरी पर रोक, एसीपी और एमएसीपी पर नगर विकास विभाग द्वारा लगाए रोक को वापस लेने की मांग को लेकर निकाय कर्मियों ने 30 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया। हड़ताल के ऊपर भी कोई उग्र कार्य करना पड़े तो करेंगे इस दौरान आमसभा का भी आयोजन किया गया। इस सभा की अध्यक्षता करते हुए हुए पटना नगर निगम कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति के अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश सिंह ने कहा कि सरकार को जो करना है कर ले हम हड़ताल भी करेंगे और हड़ताल से ऊपर भी कोई उग्र कार्य करना पड़े तो भी करने को नहीं तैयार है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बनारस में पैर धोकर गमछा से पैर पोछते है। वहीं दूसरी ओर बिहार सरकार उनका पद ही समाप्त कर दिया, जबकि बिहार में भी उनकी ही सरकार है। हड़ताल में सरकार और निगम प्रशासन को दिन में तारे दिखा देंगे प्रवक्ता जितेन्द्र कुमार ने कहा कि सफाई कर्मी का पैर धोकर गमछा से पोछने वाले प्रधानमंत्री आज श्रमिकों का सारा अधिकार छीन रहे हैं। उन श्रमिकों में पटना सहित पूरे बिहार में सफाई कर्मियों की संख्या लगभग बयालीस हजार है। उन्होंने निगम प्रशासन के उस बयान को भी भ्रामक और बेबुनियाद बताया जिसमें कहा गया की सभी कर्मियों को दो सेट वर्दी और जूता दे दिया गया है। निगम प्रशासन के इस बयान से ये परिलक्षित होता है कि सामाचार पत्र में ये बयान देकर वो वर्दी घोटाला करना चाहते हैं। इस बार के हड़ताल में राज्य सरकार के साथ ही पटना नगर निगम प्रशासन को भी कर्मी दिन में तारा दिखा देंगे।
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