![]()
सीवान में 25 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग और तीन युवकों के घायल होने के विरोध में मंगलवार को आइसा और RYA के आह्वान पर छात्र-युवाओं ने शहर में विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन में सीवान के अलावा छपरा से भी छात्र संगठनों के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने 25 जुलाई की घटना की जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई, सीवान डीएम -एसपी की बर्खास्तगी और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त करने की मांग उठाई। दोपहर में आइसा और RYA के कार्यकर्ता अंबेडकर पार्क में जुटे। यहां से हाथों में तख्तियां लेकर विरोध मार्च शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी जेपी चौक होते हुए बबुनिया मोड़ पहुंचे और फिर वापस अंबेडकर पार्क लौटे, जहां मार्च सभा में तब्दील हो गया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई करो प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता सीवान डीएम – एसपी को बर्खास्त करो, NTA को समाप्त करो और पेपर लीक के दोषियों पर कार्रवाई करो जैसे नारे लगाते रहे। इस बार प्रदर्शन के दौरान सबसे अलग तस्वीर पुलिस और प्रशासन की भारी सुरक्षा व्यवस्था की रही। प्रदर्शनकारियों की संख्या से कई गुना अधिक पुलिस पदाधिकारी, जवान और मजिस्ट्रेट पूरे मार्च रूट पर तैनात नजर आए। प्रोटेस्ट के आगे चली पुलिस बल टुकड़ी प्रोटेस्ट के आगे और पीछे पुलिस बल की बड़ी टुकड़ी चलती रही, जबकि प्रदर्शनकारियों के बीच भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और मजिस्ट्रेट मौजूद रहे। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील माने जाने वाले स्थानों पर भी मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति नजर आई। सुरक्षा में तैनात पुलिस पदाधिकारी और जवान पूरे बॉडी प्रोटेक्टर के साथ दिखाई दिए। 25 जुलाई की घटना के बाद मंगलवार के प्रदर्शन में प्रशासन की यह व्यापक सुरक्षा व्यवस्था खास तौर पर चर्चा में रही। फायरिंग में तीन युवक घायल हुए थे सभा को संबोधित करते हुए आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय ने आरोप लगाया कि 25 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान एके-47 और पिस्टल से फायरिंग की गई, जिसमें तीन युवक घायल हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि एके-47 से फायरिंग का आदेश किसने दिया। उन्होंने कहा कि घटना के लिए जिम्मेदार चाहे डीएम हों, एसपी हों या सरकार के स्तर के अधिकारी, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। आइसा के राज्य सचिव दीपांकर मिश्रा और RYA के राज्य सचिव शिव प्रकाश रंजन ने कहाकि छात्रों की मांग पेपर लीक रोकने और इसके लिए जिम्मेदार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की थी। नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि सीवान में 25 जुलाई को हुई फायरिंग की घटना गंभीर है और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। पेपर लीक पर लगे रोक , छात्रों पर कार्रवाई बंद हो
प्रदर्शनकारियों ने NTA को समाप्त करने, पेपर लीक पर रोक लगाने, छात्रों पर कार्रवाई बंद करने और 25 जुलाई की फायरिंग की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रदर्शन में छपरा आइसा जिलाध्यक्ष कौशिक कुणाल, RYA जिला सचिव विकास कुमार के अलावा सीवान के जय शंकर पंडित, अनीश कुशवाहा और सुनील यादव समेत बड़ी संख्या में छात्र-युवा कार्यकर्ता शामिल रहे।
Source link