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जमुई के सिमुलतला आवासीय विद्यालय को देश के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में शामिल करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने व्यापक सुधारों का खाका तैयार किया है। जिलाधिकारी-सह-अध्यक्ष की अध्यक्षता में विद्यालय प्रबंध समिति की 29वीं उच्चस्तरीय बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशासनिक पारदर्शिता, छात्र कल्याण, सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि भविष्य में विद्यालय परिसर में होने वाले सभी निर्माण एवं विकास कार्य प्रबंध समिति की अंतिम स्वीकृति के बाद ही कराए जाएंगे। साथ ही, विद्यालय निधि से होने वाले खर्च की निगरानी के लिए एक विशेष जांच समिति गठित करने का भी निर्णय लिया गया है। शिक्षा व्यवस्था को प्रतिस्पर्धी बनाने पर जोर शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रतिस्पर्धी और परिणामोन्मुख बनाने पर विशेष जोर दिया गया। निर्णय लिया गया कि शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन अवकाश में विषय विशेषज्ञों से प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। नियमित शिक्षकों की आवश्यकतानुसार प्रतिनियुक्ति की जाएगी । उनके वार्षिक प्रदर्शन का मूल्यांकन कर संतोषजनक कार्य के आधार पर ही सेवा विस्तार दिया जाएगा। प्रत्येक शिक्षक के लिए प्रति सप्ताह न्यूनतम 33 कक्षाएं लेना अनिवार्य होगा। कक्षा छह और ग्यारह की प्रवेश परीक्षा का स्तर भी विशेषज्ञों की मदद से तैयार नई प्रश्न गाइडलाइन के अनुसार बेहतर बनाया जाएगा। छात्र और छात्रा प्रतिनिधि बैठक में शामिल इस बैठक में पहली बार छात्र और छात्रा प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया। उनके सुझावों के आधार पर शिक्षक-अभिभावक बैठक, करियर काउंसलिंग और कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष कक्षाओं की व्यवस्था करने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, विद्यार्थियों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य के लिए त्रिस्तरीय सहायता प्रणाली विकसित की जाएगी। विद्यालय परिसर की सुरक्षा को हाईटेक बनाने के लिए आधुनिक आईपी आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। आवश्यक सुरक्षा और गोपनीयता मानकों का पालन करते हुए अभिभावकों को भी निगरानी प्रणाली की सीमित लाइव पहुंच उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है। ऊर्जा ऑडिट, जल ऑडिट प्रणाली लागू की जाएगी पर्यावरण संरक्षण के तहत विद्यालय को ग्रीन कैंपस के रूप में विकसित करने के लिए ऊर्जा ऑडिट, जल ऑडिट और वर्षा जल संचयन प्रणाली लागू की जाएगी। विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए खेलकूद सुविधाओं और परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। बैठक में विद्यालय परिसर में “स्वामी विवेकानंद अतिथिशाला” निर्माण तथा पूर्ववर्ती छात्रों के लिए अलग कार्यालय और अतिथिशाला विकसित करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा सिमुलतला आवासीय विद्यालय की शैक्षणिक पद्धति का लाभ जिले के अन्य सरकारी विद्यालयों तक पहुंचाने के लिए खेल, कला और शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से साझा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में ओएसडी (शैक्षणिक) डॉ. शंकर कुमार, शिक्षाविद डॉ. ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी, डॉ. निमिषा नोबा, बाल मनोवैज्ञानिक नवीन, जिला शिक्षा पदाधिकारी धनंजय कुमार पासवान, विद्यालय के प्राचार्य शुभम शेखर सहित कई प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।
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