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सांसद डॉ. मोहम्मद जावेद ने किशनगंज लोकसभा क्षेत्र में उच्च शिक्षा की खराब स्थिति को लेकर राज्यपाल से मुलाकात की और उन्हें एक पत्र सौंपा। उन्होंने राज्यपाल से जिले में बीएड और लॉ कॉलेज खोलने के साथ-साथ पोठिया प्रखंड में प्रस्तावित राजकीय डिग्री कॉलेज को चिन्हित भूमि पर ही स्थापित करने का आग्रह किया। सांसद ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि किशनगंज क्षेत्र शिक्षा के मामले में अब भी पिछड़ा हुआ है। संसाधनों और उचित संस्थानों की कमी के कारण हजारों छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। राजकीय महाविद्यालयों में भवन, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, छात्रावास, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इसके अतिरिक्त, विषयवार प्रोफेसरों और शिक्षकों की भी भारी कमी है। राज्यपाल से सांसद ने रखी 3 प्रमुख मांगें डॉ. जावेद ने राज्यपाल से तीन प्रमुख मांगें रखीं। पहली, सभी राजकीय कॉलेजों में आधारभूत संरचना का शीघ्र निर्माण कराया जाए। दूसरी, शिक्षकों की तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। तीसरी, किशनगंज में कम से कम दो बीएड और दो लॉ कॉलेज खोले जाएं। उन्होंने बताया कि बीएड और लॉ कॉलेजों की अनुपलब्धता के कारण युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता है। एक अन्य पत्र में सांसद ने पोठिया प्रखंड में प्रस्तावित राजकीय डिग्री कॉलेज का विषय उठाया। उन्होंने बताया कि यह कॉलेज “सात निश्चय” योजना के तहत प्रस्तावित था। अंचल अधिकारी, पोठिया के पत्रांक-1280 के अनुसार, मौजा कोटया-162, खाता-626, खेसरा-1888 में 5 एकड़ सरकारी भूमि भी इसके लिए चिन्हित की गई है। सरकारी कॉलेज का प्रस्ताव रद्द सांसद ने चिंता व्यक्त की कि भूमि उपलब्ध होने के बावजूद राजकीय डिग्री कॉलेज का निर्माण नहीं हो रहा है। उन्हें जानकारी मिली है कि पूर्णिया विश्वविद्यालय से अस्थाई संबद्धता प्राप्त एक निजी कॉलेज के कारण सरकारी कॉलेज का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है। गौरखाल स्थित यह निजी कॉलेज प्रखंड के एक छोर पर चाय बागान के बीच स्थित है, जिससे दूरस्थ पंचायतों के छात्रों को वहां पहुंचने में काफी कठिनाई होगी। डॉ. जावेद ने आग्रह किया कि पोठिया में सरकारी कॉलेज चिन्हित भूमि पर ही बनाया जाए और निजी कॉलेज की संबद्धता पर पुनर्विचार किया जाए, ताकि “सात निश्चय” योजना का मूल उद्देश्य पूरा हो सके।
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