Newswahni

शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में मिली कमी डिजिटल लर्निंग में नालंदा पहले नंबर पर पटना चौथे व अररिया सबसे पीछे…




नालंदा, शेखपुरा व कैमूर ने बनाई टॉप-3 में जगह बिहार के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा के विस्तार की रफ्तार बेहद धीमी है। राज्यस्तरीय ओवरऑल रैंकिंग में भागलपुर 23वें स्थान से सुधरकर 17वें स्थान पर पहुंच गया। राज्य में 311 अंकों के साथ नालंदा पहले और 309 अंकों के साथ शेखपुरा दूसरे स्थान पर है। दोनों जिले प्रचेष्टा-1 (प्रयास) श्रेणी में शामिल हैं। मुंगेर और पटना को भी 288-288 अंक मिले हैं, जो भागलपुर से अधिक हैं। यह खुलासा शिक्षा मंत्रालय की ओर से जारी जिला प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक 2025-26 रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में पिछले वर्ष की तुलना में सुधार हुआ है, लेकिन कोई भी जिला अभी शिक्षा मंत्रालय की उत्तम या उससे ऊपर की श्रेणी तक नहीं पहुंचा है। राज्य के अधिकांश जिले अभी भी प्रचेष्टा-2 और प्रचेष्टा-3 श्रेणियों में शामिल हैं। अररिया 223 अंक के साथ सबसे निचले स्थान पर रहा। सीतामढ़ी और मधुबनी को 225-225 अंक मिले। बिहार के लिए डिजिटल लर्निंग अभी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। राज्य के किसी भी जिले को इस श्रेणी में 50 में 20 अंक तक नहीं मिले। सरकारी स्कूलों में डिजिटल संसाधनों, इंटरनेट सुविधा, स्मार्ट कक्षाओं और तकनीक आधारित शिक्षण के विस्तार की गति अभी भी अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी है। रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल लर्निंग के 50 अंकों में भागलपुर को केवल 13 अंक मिले हैं। पिछले वर्ष भी भागलपुर का स्कोर 13 ही था और इस बार भी इसमें एक अंक का भी सुधार नहीं हो सका। डिजिटल लर्निंग के साथ-साथ स्कूलों में सुरक्षा एवं बाल संरक्षण के क्षेत्र में भी भागलपुर का प्रदर्शन कमजोर रहा। इस श्रेणी में जिले को 35 में सिर्फ 11 अंक मिले हैं। सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, इंटरनेट कनेक्टिविटी और अन्य डिजिटल संसाधनों का विस्तार अपेक्षित गति से नहीं हो पाने का असर सीधे अंक पर दिखाई दिया। हालांकि अन्य मानकों में सुधार के कारण भागलपुर के कुल प्रदर्शन में बढ़ोतरी हुई है। जिले का कुल स्कोर पिछले वर्ष के 262 अंकों से बढ़कर इस बार 275 अंक हो गया है।
राजधानी पटना को नालंदा व शेखपुरा ने पीछे छोड़ा
प्रभावी कक्षा शिक्षण: राजधानी पटना को 90 में 35 अंक मिले, जबकि नालंदा को 48 और शेखपुरा को 56 अंक।
बुनियादी ढांचा एवं सुविधाएं: राजधानी पटना को 51 में 25 अंक, जबकि नालंदा को 28 व शेखपुरा को 30 अंक।
स्कूल सुरक्षा एवं बाल संरक्षण: राजधानी पटना को 35 में 13 अंक, जबकि नालंदा को 15 व शेखपुरा को 20 अंक।
डिजिटल लर्निंग: राजधानी पटना को 50 में 12 अंक, जबकि नालंदा को 15 व शेखपुरा को 16 अंक।
लर्निंग आउटकम: पटना को 290 में 154 अंक, जो नालंदा के बराबर है। इसके बावजूद अन्य श्रेणियों में कम अंक मिलने से पटना पीछे रह गया।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top