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सीवान मॉडल सदर अस्पताल में मरीजों और मृत शरीरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। मंगलवार देर रात का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। इसमें मास्क पहना एक व्यक्ति रजिस्ट्रेशन कक्ष के सामने रखे शव के पास जाता दिख रहा है। कुछ देर रुकने के बाद वह कथित तौर पर मृतक के गले से चेन निकालकर अपनी जेब में रखता है और फिर सामान्य तरीके से अस्पताल के आपात कक्ष में प्रवेश कर जाता है। हालांकि, चेन निकालने की घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को थी या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। शव तक आसानी से पहुंचा संदिग्ध, निगरानी पर सवाल वायरल वीडियो में व्यक्ति बिना किसी रोक-टोक के शव के पास पहुंचता नजर आ रहा है। इसके बाद वह गले से चेन निकालता दिखता है। सवाल यह है कि अस्पताल परिसर में मौजूद सुरक्षा कर्मियों और सीसीटीवी निगरानी के बावजूद बाहरी व्यक्ति शव तक कैसे पहुंच गया। वीडियो की सत्यता और उसमें दिख रहे व्यक्ति की भूमिका की पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। अस्पताल सूत्रों ने बबलू कुमार के रूप में की पहचान अस्पताल सूत्रों के अनुसार वीडियो में दिख रहा व्यक्ति बबलू कुमार बताया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि वह अक्सर रात में सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के आसपास नजर आता है। आरोप है कि वह अस्पताल आने वाले मरीजों को निजी नर्सिंग होम ले जाने के लिए गुमराह करता है और निजी एम्बुलेंस भी चलाता है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और पुलिस जांच के बाद ही इसकी वास्तविकता सामने आएगी। कुछ दिन पहले महिला के शव से पायल गायब हुई थी मृत शरीर से आभूषण गायब होने का यह पहला मामला नहीं बताया जा रहा है। कुछ दिन पहले एक मृत महिला के पैर से चांदी की पायल गायब होने को लेकर परिजनों ने अस्पताल की महिला सफाईकर्मी पर आरोप लगाया था। बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उसकी पहचान कर पुलिस को सौंपे जाने की बात सामने आई थी। मृत महिला की पहचान महाराजगंज थाना क्षेत्र के बंगरा निवासी राजन ठाकुर की 35 वर्षीय पत्नी आरती देवी के रूप में हुई थी। सांप काटने के बाद गंभीर हालत में उसे महाराजगंज अनुमंडलीय अस्पताल से सदर अस्पताल रेफर किया गया था। सदर अस्पताल पहुंचने के दौरान उसकी मौत हो गई थी। अधीक्षक बोले- सीसीटीवी फुटेज की होगी जांच मामले में अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने वायरल वीडियो के आधार पर सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की बात कही है। साथ ही दोषी की पहचान होने पर कानूनी कार्रवाई के लिए स्थानीय थाने को लिखने की बात कही। जांच से आगे जवाबदेही तय करने की जरूरत लगातार सामने आ रही घटनाओं ने अस्पताल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी के बावजूद शव तक किसी बाहरी व्यक्ति की पहुंच और कथित तौर पर आभूषण निकालकर चले जाने की घटना व्यवस्था की गंभीर कमजोरी की ओर इशारा करती है। ऐसे में सिर्फ वायरल वीडियो की जांच ही नहीं, बल्कि अस्पताल में बाहरी लोगों के प्रवेश, निजी एंबुलेंस संचालकों की गतिविधियों, सीसीटीवी की निगरानी और शवों की सुरक्षा की जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है।
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