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विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 का आज(30 जुलाई 2026) पहला दिन है। सुल्तानगंज स्थित अजगैबीनाथ धाम घाट पर कांवरियों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। शिव भक्त उत्तर वाहिनी गंगा में स्नान कर जल लेकर देवघर के लिए रवाना हो रहे हैं। देशभर से पहुंचने लगे कांवरिए महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से करीब 200 कांवरियों का जत्था सुल्तानगंज पहुंच चुका है। कांवरियों ने बताया कि उनके परिवार की तीसरी पीढ़ी हर वर्ष एक साथ देवघर के लिए जल उठाती है। बाकी सदस्य 31 जुलाई तक पहुंचेंगे और 1 अगस्त को जल भरेंगे। तब तक वे शहर में ठहरकर मेला क्षेत्र का भ्रमण करेंगे। श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम लाखों शिवभक्तों के आगमन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, आवागमन, ठहराव और मूलभूत सुविधाओं की व्यापक तैयारियां की गई है। राज्य सरकार ने भागलपुर, मुंगेर और बांका जिले में कुल 2850 बेड की टेंट सिटी तैयार कराई है। इन टेंट सिटी में शौचालय, स्नानघर, पेयजल, बिजली, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। प्रशासन का दावा है कि इस बार सुविधाओं का स्तर पिछले वर्षों की तुलना में और बेहतर किया गया है। यातायात व्यवस्था लागू मेला के दौरान पहुंचने वाले लाखों कांवरियों की सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए विशेष यातायात व्यवस्था लागू की गई है। मेला अवधि में शहर और सुल्तानगंज क्षेत्र के कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों के आवागमन में बदलाव किया गया है। प्रशासन ने आम नागरिकों और वाहन चालकों से निर्धारित रूट प्लान का पालन करने की अपील की है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। जारी निर्देशों के अनुसार मुंगेर की ओर से आने वाले सभी बड़े वाहनों को बरियारपुर से न्यू फोरलेन मार्ग होकर अपने गंतव्य तक जाने की व्यवस्था की गई है। वहीं, मुंगेर से आने वाले छोटे वाहन कृष्णगढ़ चौक तक पहुंचने के बाद रेलवे ओवरब्रिज के नीचे से होकर अपने गंतव्य की ओर जाएंगे। कृष्णगढ़ चौक से बाजार चौक की ओर किसी भी प्रकार के छोटे वाहनों का परिचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। शहर में ट्रैफिक प्लान किया गया लागू इसके अलावा कृष्णगढ़ चौक से रेलवे ओवरब्रिज के नीचे होते हुए बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बायपास थाना रोड और थाना चौक की ओर वाहनों की आवाजाही निर्धारित मार्गों से होगी। बायपास थाना रोड चौक से बाजार चौक तथा थाना चौक से बाजार चौक की ओर सभी प्रकार के वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है। भागलपुर शहर से आने वाले सभी बड़े वाहनों को न्यू फोरलेन मार्ग से भेजा जाएगा, जबकि शहर की ओर से आने वाले छोटे कांवरिया वाहन प्रखंड कार्यालय सभागार तक नहीं जा सकेंगे। पुलिस प्रशासन ने बड़े कांवरिया वाहनों की पार्किंग की भी विशेष व्यवस्था की है। फोरलेन से आने वाले बड़े कांवरिया वाहनों के लिए बाबा चौक के ऊपर फोरलेन के उत्तरी भाग को पार्किंग स्थल के रूप में चिन्हित किया गया है। वहीं, बांका और तारापुर (मुंगेर) की ओर से सुल्तानगंज आने वाले सभी वाहनों को बाबा चौक तक ही आने की अनुमति होगी। यह व्यवस्था कांवरियों की सुरक्षा, सुविधा और भीड़ नियंत्रण को ध्यान में रखकर बनाई गई है। SSP प्रमोद कुमार ने बताया की मेला अवधि के दौरान परिस्थितियों के अनुसार यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं। ऐसे में सभी वाहन चालकों और आम लोगों से प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने तथा पुलिस-प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि श्रावणी मेला 2026 का संचालन सुरक्षित, सुचारु और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके। पहली बार होगा लेजर और ड्रोन शो इस बार मेले को आकर्षक बनाने के लिए नमामि गंगे घाट पर पहली बार लेजर शो और ड्रोन शो का आयोजन किया जाएगा। पूरे 30 दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जिनमें बिहार की लोक संस्कृति, संगीत और धार्मिक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी। पर्यटन विभाग ने नमामि गंगे घाट, अजगैबीनाथ मंदिर घाट और कच्ची कांवरिया पथ को विशेष रूप से सजाया है। रंग-बिरंगी रोशनी और धार्मिक थीम पर आधारित सजावट से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में नजर आएगा। 42 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें और 200 से अधिक विशेष बसें श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बिहार से देवघर तक 42 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा राज्य के विभिन्न जिलों से 200 से अधिक विशेष बसें भी चलाई जाएंगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम इस वर्ष पहली बार बालू घाट रोड, अपर रोड और स्टेशन रोड के दोनों ओर व्यापक स्तर पर बैरिकेडिंग की गई है, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। पुलिस मुख्यालय ने भागलपुर और बांका जिले के लिए अतिरिक्त पुलिस बल उपलब्ध कराया है। भागलपुर में छह डीएसपी, 60 पुलिस पदाधिकारी और 1500 अतिरिक्त जवान, जबकि बांका में छह डीएसपी, 150 पुलिस पदाधिकारी और 1800 अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं। कांवरिया पथ, गंगा घाट, प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। महिला सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए भी विशेष पुलिस टीमों की तैनाती की गई है।
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