सोनम वांगचुक ने प्रदर्शन के दौरान बनी शांति की सराहना करते हुए इसे सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने कहा कि वास्तविक जीत वही है जहां विनम्रता हो, इसलिए आगे की हर गतिविधि पूरी तरह शांतिपूर्ण होनी चाहिए। उनका विश्वास है कि जब देश भय के बजाय प्रेम और भाईचारे से चलेगा और भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाया जाएगा, तभी भारत वास्तव में ‘विश्वगुरु’ बनकर उभरेगा और एक नए भारत की शुरुआत होगी।