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लखीसराय में बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने रविवार को सूर्यगढ़ा विधायक रामानंद मंडल का घेराव किया। उन्होंने अपनी लंबित मांगों के समर्थन में एक ज्ञापन सौंपा और विधायक से मॉनसून सत्र में इन समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का आग्रह किया। संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि राज्य के प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत नियोजित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक और पुस्तकालयाध्यक्ष लंबे समय से सेवा संबंधी विसंगतियों और सुविधाओं की असमानता से जूझ रहे हैं। सेवा सुविधाओं में असमानता से मनोबल प्रभावित उन्होंने कहा कि नियोजन नियमावली में प्रावधान होने के बावजूद, लगभग 20 वर्षों से कार्यरत नियोजित शिक्षकों को न तो प्रोन्नति का लाभ मिला है और न ही ऐच्छिक स्थानांतरण की सुविधा दी गई है। एक ही विद्यालय में कार्यरत विभिन्न कोटि के शिक्षकों के वेतनमान और सेवा सुविधाओं में भारी असमानता से उनका मनोबल प्रभावित हो रहा है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में सभी कोटि के शिक्षकों को पे-बैंड–II (9300–34800) के तहत पुनरीक्षित सातवें वेतनमान के साथ राज्यकर्मी के समान सेवा सुविधाएं प्रदान करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, शिक्षक नियोजन नियमावली 2006, 2012 और 2020 के अनुरूप 12 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले नियोजित शिक्षकों को प्रोन्नति और वेतन उन्नयन का लाभ देने की मांग की गई। शिक्षकों ने बेसिक ग्रेड के शिक्षकों को आठ वर्ष की सेवा पर स्नातक ग्रेड तथा स्नातक ग्रेड में पांच वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर प्रधानाध्यापक पद पर प्रोन्नति देने की मांग भी उठाई। शिक्षकों को समयबद्ध प्रोन्नति देने की मांग उन्होंने नियोजन नियमावली 2020 के तहत ऐच्छिक स्थानांतरण लागू करने, सभी श्रेणी के शिक्षकों को समयबद्ध प्रोन्नति देने और पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की भी मांग की। साथ ही, विद्यालयों का संचालन शनिवार (हिंदी) और गुरुवार (उर्दू) को मध्यांतर तक करने का भी आग्रह किया गया। विधायक रामानंद मंडल ने शिक्षकों से ज्ञापन प्राप्त किया और उनकी मांगों को गंभीरता से सदन में उठाने तथा सरकार के समक्ष रखने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर शिक्षक संघ के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।
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