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जमुई के चकाई बाजार निवासी अरविंद साह के परिवार में 38 साल बाद बेटी का जन्म हुआ है। इस खुशी में परिवार ने नवजात का फूलों से सजी कार और ढोल-बाजे के साथ स्वागत किया। अब यह परिवार इस खुशी को समाज के साथ साझा करने की तैयारी कर रहा है। परिवार के मुखिया अरविंद साह ने बताया कि उनके तीन बेटे हैं और तीनों बेटों के परिवारों में यह पहली बेटी है। 38 साल बाद घर में ‘लक्ष्मी’ के आगमन से पूरा परिवार भावुक और बेहद खुश है। अस्पताल से लेकर घर तक बैंड-बाजे और आतिशबाजी के साथ घर को फूलों से सजाया गया। धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा अरविंद साह ने बताया कि चार साल पहले उन्होंने और उनकी पत्नी बेबी देवी ने वैष्णो देवी धाम में मन्नत मांगी थी कि यदि उनके घर बेटी का जन्म होगा, तो वे माता के दरबार में माथा टेकने जाएंगे। अब मन्नत पूरी होने पर पूरा परिवार माता के दर्शन के लिए जाने की तैयारी में है। बच्ची के 20 दिन पूरे होने पर एक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा दी जाएगी। साथ ही, गरीब, असहाय लोगों और कॉलोनी के निवासियों के लिए एक भव्य भोज का आयोजन होगा। परिवार ने करीब एक हजार लोगों को भोजन कराने का निर्णय लिया है। खुशी को यादगार बनाने के लिए विशेष आयोजन अरविंद साह ने कहा, “बेटी हमारे घर लक्ष्मी बनकर आई है। यह खुशी केवल हमारे परिवार की नहीं, पूरे समाज की है। हम चाहते हैं कि बेटी के जन्म का यह संदेश हर घर तक पहुंचे और लोग बेटियों का स्वागत इसी तरह करें।” यह बेटी अरविंद साह के मंझले पुत्र विवेक गुप्ता और उनकी पत्नी काजल कुमारी की दूसरी संतान है। परिवार का कहना है कि यह केवल उनके घर की नहीं, बल्कि तीनों बेटों के परिवारों में जन्मी पहली और इकलौती बेटी है, इसलिए इस खुशी को यादगार बनाने के लिए विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।
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