![]()
मोतिहारी में बिहार राज्य उत्क्रमित एवं मध्य विद्यालय रात्रि प्रहरी संघ ने सोमवार को अपनी मांगों को लेकर रैली निकाली। रैली नरसिंह बाबा मंदिर से शुरू होकर पैदल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंची। यहां संघ के जिलाध्यक्ष मुन्ना चौधरी, मुकेश कुमार समेत अन्य रात्रि प्रहरियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। रैली में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए सैकड़ों रात्रि प्रहरी शामिल हुए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्थायी नियुक्ति की मांग की। आउटसोर्सिंग एजेंसी हटाकर सरकार से नियुक्ति की मांग संघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिए काम कर रहे रात्रि प्रहरियों का काम फिर से शुरू कराया जाए। साथ ही, आउटसोर्सिंग एजेंसी को हटाकर सरकार अपने स्तर पर उनकी नियुक्ति करे। संघ ने मध्य विद्यालयों में कार्यरत रात्रि प्रहरियों को स्थायी करने और उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग भी उठाई। बकाया मानदेय और 1,605 रुपए की कटौती की जांच की मांग संघ ने रात्रि प्रहरियों के बकाया मानदेय की जांच कराकर उसका भुगतान करने की मांग की। इसके अलावा, एजेंसी की ओर से मानदेय से ईपीएफ और ईएसआई के नाम पर काटे गए 1,605 रुपए की जांच कराने और यह राशि वापस दिलाने की मांग की गई। संघ ने संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई करने की भी मांग रखी। दीपावली-छठ से पहले भुगतान नहीं तो भूख हड़ताल रात्रि प्रहरियों ने चेतावनी दी कि दीपावली और छठ पूजा से पहले बकाया मानदेय का भुगतान नहीं हुआ तो वे भूख हड़ताल पर बैठेंगे। संघ के जिलाध्यक्ष मुन्ना चौधरी ने कहा कि सरकार और एजेंसी ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रात्रि प्रहरी रातभर स्कूलों की सुरक्षा करते हैं, लेकिन उन्हें महीनों से मानदेय नहीं मिला है। इससे उनके लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। मुन्ना चौधरी ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म कर रात्रि प्रहरियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग दोहराई।
Source link