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मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े मल्टीपल साइबर फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लगभग 50 करोड़ रुपए के लेनदेन से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने 56 लाख भारतीय रुपए और 13 लाख नेपाली रुपए नगद, एक नोट गिनने की मशीन, मोबाइल फोन और कई बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज भी बरामद किए हैं। सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। साइबर डीएसपी अभिनव पराशर ने बताया कि साइबर सुरक्षा प्रकोष्ठ भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में संदिग्ध बैंक खातों पर लगातार नजर रख रहा था। इसी निगरानी के दौरान कुछ खातों में बड़े पैमाने पर लेनदेन की जानकारी मिली। यह सूचना एसपी स्वर्ण प्रभात को दी गई, जिनके निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने एक साथ कई स्थानों पर की छापेमारी इस टीम में घोड़ासहन थानाध्यक्ष अमरजीत और ढाका थानाध्यक्ष राजरूप राय सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। गठित टीम ने घोड़ासहन थाना क्षेत्र के कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की, जिसके परिणामस्वरूप इस बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि यह गिरोह ठगी से प्राप्त रकम को पहले अपने खातों में मंगाता था, फिर उसे विभिन्न खातों में स्थानांतरित करता था। इसके अलावा, रकम को यूएसडीटी (क्रिप्टोकरेंसी) में निवेश करने और अन्य जटिल तरीकों से घुमाने का काम भी किया जा रहा था। नेपाली बैंक खातों का नेटवर्क किया था तैयार डीएसपी अभिनव पराशर के अनुसार, यह गिरोह भारत में ठगी कर पैसा इकट्ठा करता था और फिर उसे हवाला के माध्यम से नेपाल भेज देता था। इस अवैध लेनदेन के लिए नेपाली बैंक खातों और व्हाट्सएप नंबरों का एक जटिल नेटवर्क तैयार किया गया था। इस मामले में 50 करोड़ रुपये से अधिक के लेनदेन का खुलासा होने के बाद आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) भी सक्रिय हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, ईओयू इस मामले की अपने स्तर पर जांच करेगी और जल्द ही यह केस उसे स्थानांतरित किया जा सकता है।
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