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मधेपुरा के झल्लू बाबू सभागार में शनिवार को जिला पर्यावरण समिति, जिला स्तरीय टास्क फोर्स (एकल उपयोग प्लास्टिक), जिला आर्द्रभूमि समिति, जिला वन एवं पर्यावरण टास्क फोर्स और जिला अनुश्रवण समिति की संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता डीएम अभिषेक रंजन ने की। जलस्रोतों की स्वच्छता और प्लास्टिक प्रतिबंध पर चर्चा बैठक के दौरान जलस्रोतों की स्वच्छता, एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रभावी प्रतिबंध, आर्द्रभूमियों के संरक्षण, हरित आवरण बढ़ाने और स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। डीएम अभिषेक रंजन ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सहभागिता भी बेहद जरूरी है। जनसहयोग से ही पर्यावरण संरक्षण के अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। ऐसे में सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करना होगा ताकि जिले में स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जा सके। एकल उपयोग प्लास्टिक के खिलाफ चलेगा अभियान डीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी योजनाओं एवं कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने एकल उपयोग प्लास्टिक के विरुद्ध नियमित जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही बाजारों, सार्वजनिक स्थलों और व्यावसायिक क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए और लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए। डीएम ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर खतरा बन चुका है। सफाई व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश बैठक में नगर निकायों को शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था को और मजबूत बनाने का निर्देश दिया गया। डीएम ने कहा कि स्वच्छता को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जाए ताकि लोग अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने के प्रति जागरूक हों। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण से ही लोगों का स्वास्थ्य बेहतर रह सकता है। इसके लिए नगर निकायों और संबंधित विभागों को नियमित रूप से सफाई अभियान चलाने और कचरा प्रबंधन व्यवस्था को प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। पौधारोपण और हरित आवरण बढ़ाने पर जोर बैठक में पौधारोपण कार्यक्रमों में तेजी लाने पर भी विशेष जोर दिया गया। डीएम ने निर्देश दिया कि अधिक से अधिक पौधे लगाए जाएं और उनके संरक्षण को भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी देखभाल और संरक्षण भी जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों से कहा कि स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया जाए ताकि जिले में हरित आवरण को बढ़ाया जा सके। जल निकायों को प्रदूषणमुक्त रखने पर बल डीएम ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि गंगा समेत अन्य जल निकायों को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के लिए समन्वय के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने कहा कि नदियों, तालाबों और अन्य जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखना पर्यावरण संतुलन के लिए बेहद आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जल निकायों में कचरा फेंकने और प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही लोगों को भी जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, नगर निकायों के प्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत की।
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