![]()
आइपीएस अफसर विकास वैभव ने मंगलवार को मगध रेंज के आईजी के रूप में पदभार ग्रहण किया। गयाजी में उनकी वापसी पर प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। सर्किट हाउस में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद वे मगध प्रमंडल रेंज कार्यालय पहुंचे और विधिवत अपना कार्यभार संभाला। आईजी कार्यालय पहुंचने पर राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुलदस्ता और बुके देकर उनका अभिनंदन किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समर्थक, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे। विकास वैभव की नियुक्ति को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया। वे पहले भी गया और मगध क्षेत्र में अपनी कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। विकास वैभव बोले- अपराध नियंत्रण, आम जनता में विश्वास बहाल करना पहला उद्देश्य पदभार ग्रहण करने के बाद आईजी विकास वैभव ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता अपराध नियंत्रण और आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बहाल करना है। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताया कि उन्हें एक बार फिर गया की सेवा करने का अवसर मिला है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार की प्राथमिकता के अनुरूप, अपराध पर नियंत्रण और जनता का विश्वास बढ़ाने की दिशा में पूरी मजबूती से काम किया जाएगा। आईजी ने पुलिसिंग में निष्पक्षता को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘अगर पीड़ित की शिकायत थाने में नहीं सुनी, तो ये गंभीर मामला’ थाना में आवेदन न लेने और एफआईआर दर्ज न करने के सवाल पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी पीड़ित की शिकायत नहीं सुनी जाती है, तो इसे गंभीर मामला माना जाएगा। आईजी विकास वैभव ने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति थाना में एफआईआर दर्ज कराने आता है, तो प्राथमिकी हर हाल में दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें ऐसी शिकायत मिलती है कि आवेदन नहीं लिया गया या पीड़ित को परेशान किया गया, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार, अवैध वसूली पर सख्त दिखे विकास वैभव ने पुलिस विभाग में फैले भ्रष्टाचार और अवैध वसूली पर भी कड़ा संदेश दिया। उन्होंने साफ कहा कि अगर पुलिसकर्मियों द्वारा किसी प्रकार की अवैध वसूली की शिकायत सामने आती है तो दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इतना ही नहीं, यदि किसी थाना प्रभारी की संलिप्तता भी सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। मीडिया ने जब बेगूसराय कोर्ट के उस आदेश को लेकर सवाल पूछा, जिसमें उनके नाम का उल्लेख करते हुए जांच की बात कही गई थी, तब आईजी विकास वैभव ने कहा कि न्यायालय के आदेश का वे पूरा सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक आदेश उन्हें व्यक्तिगत रूप से प्राप्त नहीं हुआ है, लेकिन यदि न्यायालय उन्हें जांच की जिम्मेदारी सौंपता है तो वे पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ अपना दायित्व निभाएंगे। मगध क्षेत्र से पुराने जुड़ाव को लेकर भी चर्चा की शेखपुरा के पूर्व डीएम के घर से कार चोरी के मामले को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि गया और मगध क्षेत्र से उनका पुराना जुड़ाव रहा है। वर्ष 2005 में जब मगध क्षेत्र नक्सल प्रभावित इलाकों में गिना जाता था, उस समय भी उनकी पोस्टिंग गया में रही थी। उस दौरान उन्हें क्षेत्र के कई थानों में जाने और यहां की परिस्थितियों को करीब से समझने का अवसर मिला था। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक गया और मगध क्षेत्र में काम करने के कारण यहां के लोगों, सामाजिक परिस्थितियों और पुलिस व्यवस्था से वे भली-भांति परिचित हैं। यही कारण है कि वे यहां की चुनौतियों और जरूरतों को बेहतर तरीके से समझते हैं। आईजी विकास वैभव ने मगध क्षेत्र की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि लोग निर्भीक होकर अपनी समस्याएं पुलिस के सामने रखें। पुलिस हर संभव सहायता करेगी और अगर कहीं पुलिस की ओर से लापरवाही या अन्याय की शिकायत मिलेगी तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
Source link