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भारत चीन सीमा पर सेना और पूरी तरह मुस्तैद अरुणाचल प्रदेश में चीन नहीं कर रहा कोई घुसपैठ सुरक्षा सूत्रों ने दावों को…



पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर किए जा रहे उन दावों को सुरक्षा सूत्रों ने खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया जा रहा है कि चीन अरुणाचल प्रदेश में घुसपैठ की कोशिश कर रहा है। समाचार एजेंसी एएनआई ने मंगलवार को सूत्रों के हवाले से बताया कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे कुछ दावों के उलट, चीन अरुणाचल प्रदेश में धीरे-धीरे कोई घुसपैठ नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि सेना और ITBP सीमा पर अपनी पकड़ बनाए रखने और चीनी गतिविधियों पर नजर रखने व उन्हें रोकने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

भारत ने अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावों को सख्ती से खारिज किया है और कई बार चीनी पक्ष को यह स्पष्ट किया है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। वहीं, चीन अरुणाचल को दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता रहा है। उसने 1960 में हुई सीमा वार्ता के दौरान यह दावा किया था कि राज्य का लगभग 69,000 वर्ग किलोमीटर इलाका उसका है, जिसे भारत सरकार ने कई बार खारिज किया है।

सेना और ITBP की नजरें चीनी गतिविधियों पर

समाचार एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ‘सेना और ITBP बॉर्डर पर अपनी पकड़ बनाए रखने और चीनी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। बिना किसी ठोस जानकारी के ऐसे सनसनीखेज दावे करना सिर्फ़ ध्यान खींचने की कोशिश है।” गौरतलब है कि यह प्रतिक्रिया कुछ सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आई है।

अरुणाचल प्रदेश ‘भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा-MEA

वहीं, मंगलवार को विदेश मंत्रालय (MEA) ने फिर से कहा कि अरुणाचल प्रदेश “भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा” है। यह बयान चीन की उन टिप्पणियों के जवाब में आया है, जिनमें उसने अरुणाचल प्रदेश की जगहों के चीनी नाम रखने की बार-बार कोशिश की है, जबकि भारत ने ‘सर्वे ऑफ़ इंडिया’ के आधिकारिक नक्शे में राज्य की 27 जगहों को उनके मानक नामों से पहचाना है।’

MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, “मैं एक बार फिर दोहराना चाहता हूँ कि अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और यह एक ऐसा तथ्य है जो स्वतः स्पष्ट है। साथ ही, मैं इस बात पर भी ज़ोर देना चाहता हूँ कि इस निर्विवाद सच्चाई को कोई नहीं बदल सकता।”

LAC पर शांति बनाए रखना बेहद जरूरी

भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि ‘लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल’ (LAC) पर शांति बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा ‘भारत और चीन के बीच सीमावर्ती इलाकों से जुड़े मामलों पर, हमने चीनी पक्ष के साथ बातचीत में हमेशा इस बात पर ज़ोर दिया है कि हम इन मुद्दों को बहुत गंभीर मानते हैं और इन इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना सबसे जरूरी है।

भारत-चीन सीमा मामलों पर हाल ही में हुई 36वीं WMCC बैठक में भी इस बात को दोहराया गया। भारतीय पक्ष ने फिर से इस बात पर ज़ोर दिया कि दोनों देशों के रिश्तों के समग्र विकास के लिए सीमावर्ती इलाकों में शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है। भारत-चीन सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए कार्य तंत्र (WMCC) की 36वीं बैठक 6 अगस्त को नई दिल्ली में हुई थी।



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