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‘मैं दूध बेचने के लिए बाइक से निकला था। घर से करीब 200 मीटर दूर आगे बढ़ा था। मैंने देखा बाइक सवार दो लोगों ने मेरे भइया उमा भूषण तांती को घेर लिया है। भइया बुलेट बाइक से थे और उनके साथ बाइक पर अंकित भी था, जो हमारा भतीजा है। आरोपियों में एक आरोपी पार्षद पति शशि मोदी का भांजा किशन उर्फ कृष्णा था। दूसरे को मैं नहीं जानता, वो सांवला और नाटे-मोटे था। किशन ने भइया को गोली मार दी और फरार हो गया। मैं दौड़कर भइया के पास पहुंचा। मरने से पहले भइया ने कहा कि पार्षद पति शशि मोदी के इशारे पर मुझे गोली मरवाई गई है। इसके बाद उनकी मौत हो गई।’ ये जानकारी मृतक भाजपा के मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती (53) के भाई अरविंद तांती ने पुलिस को दिए आवेदन में दी है। दरअसल, 11 सितंबर की सुबह 10 बजे बीजेपी में मंडल अध्यक्ष उमा भूषण तांती की हत्या हुई थी। मामले में पार्षद पति शशि और उसके भांजे किशन समेत 3 को आरोपी बनाया गया है। शशि भाजपा से जुड़ा है, कार्यकर्ता है। वारदात के बाद से आरोपी फरार हैं। घटना बरगंज थाना क्षेत्र के कुतुबगंज इलाके में हुई। घटना के दूसरे चश्मदीद ने क्या कहा, मृतक और आरोपियों के बीच का विवाद, पोस्टमॉर्टम करने वाले ने क्या, पुलिस की कार्रवाई, पढ़ें रिपोर्ट…. पहले कुछ तस्वीरें… ‘घरेलू सामान लाने घर से निकले थे’ मृतक के भतीजे और घटना के दूसरे चश्मदीद अंकित ने कहा कि मैं और चाचा उमा भूषण तांती घर से घरेलू सामान लाने बुलेट से निकले थे। चाचा बाइक चला रहे थे, मैं पीछे बैठा था। 200 मीटर हमलोग बढ़ें थे। वहां पर ज्यादा भीड़ नहीं थी। पीछे से स्पलेंडर से दो लोग आए। जो स्पलेंड चला रहा था, उसे मैं नहीं जानता हूं। पीछे बैठा शख्स पार्षद पति शशि मोदी का भांजा किशन उर्फ कृष्णा था। उसने हमारी बुलेट रुकवाई और गाली-गलौज करने लगा। हम कुछ समझ पाते उसने चाचा को सिर में गोली मार दी। सीसीटीवी में भागते हुए दिखे आरोपी मृतक उमा के भतीजे अंकित के अनुसार आरोपियों ने पूरी प्लानिंग के साथ हत्या की साजिश रची है। हत्या के लिए ऐसी जगह चुनी जहां सीसीटीवी नहीं लगा था। इस वजह से वारदात का सीसीटीवी नहीं आई। उस जगह पर लोगों की चहल-पहल भी कम रहती है। हालांकि, घटनास्थल से करीब 50 मीटर दूर एक दुकान में सीसीटीवी लगा था, उसमें वारदात तो कैद नहीं हुई, पर बाइक सवार आरोपियों को भागते हुए देखा जा सकता है। नामजद आरोपी शशि का उमा से था खुन्नस भाजपा सूत्रों के अनुसार नामजद आरोपी शशि मोदी की पत्नी 4 बार से वार्ड-51 की पार्षद है। शशि सरकारी भाजपा से भी जुड़ा है। वो पार्टी में सक्रिय कार्यकर्ता है। शशि मोदी जमीन-खरीद बिक्री का काम भी करता है। दूसरी तरफ कुतुबगंज इलाके में एक काली मंदिर है। इस इलाके में शशि मोदी का वर्चस्व ज्यादा है। पिछले साल काली मंदिर समिति का अध्यक्ष उमा को बना दिया गया था। ये बात शशि को ठीक नहीं लगी थी। इस बात को लेकर भी शशि में खुन्नस था। सिर के अंदर तक बुलेट गई- पोस्टमॉर्टम कर्मी पोस्टमॉर्टम करने वाले कर्मी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि खोपड़ी के साइड में बुलेट लगी है। जो काफी नजदीक से मारी गई है। इस कारण गोली सिर के अंदर तक चली गई थी। मस्तिष्क के ऊतकों और अंदर मौजूद रक्तवाहिनियों को गंभीर क्षति पहुंची। बहुत खून बह चुका था। जहां गोली फंसी थी, वहां खून का थक्का जमा हुआ था। परिवार ने राजनीतिक और सामाजिक विवाद बताया- सिटी एसपी सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस ने नामजद आरोपियों के ठिकानों पर भी जांच की है, लेकिन वे अपने आवास पर नहीं मिले। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही, मामले में तकनीकी इनपुट भी जुटाए जा रहे हैं। प्रारंभिक तौर पर परिवार की ओर से घटना के पीछे राजनीतिक और सामाजिक विवाद की बात बताई गई है। इसके अलावा किसी तरह के मैनेजमेंट या अन्य मामले को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच विवाद होने की बात सामने आई है।
हत्या की वास्तविक वजह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में और स्पष्ट हो सकेगी। आम आदमी सुरक्षित नहीं- पप्पू यादव भाजपा नेता की हत्या की सूचना मिलने के बाद पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भागलपुर पहुंचे। यहां पीड़ित परिवार से मुलाकात की। पप्पू यादव ने कहा कि भागलपुर में कितनी हत्या हुई है। हर बार मैं आता हूं। भगवान भरोसे प्रदेश चल रहा है। कोई सुरक्षित नहीं है। दलाल-माफिया, नेता-पदाधिकारी का गठजोड़ है। यही चारों सुरक्षित हैं, बाकी लोग सुरक्षित नहीं हैं।
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