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भरत एनकाउंटर मामले में पुलिस ने की पिता और भाई पर संरक्षण देने का आरोप हंगामे को लेकर नामजद समेत अज्ञात पर केस…




भोजपुर के चर्चित बिलौटी कांड में पुलिस ने अलग-अलग दो प्राथमिकी दर्ज की है। पहली प्राथमिकी अवैध हथियार रखने, सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, पुलिस पर फायरिंग करने और आरोपी को संरक्षण देने के आरोप में दर्ज की गई है, जबकि दूसरी प्राथमिकी पुलिस मुठभेड़ से संबंधित है। दूसरी ओर, मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मां आशा देवी ने भी केस दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है। उन्होंने जगदीशपुर डीएसपी और शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। आवेदन फिलहाल जांच के अधीन है। हथियार बरामदगी के लिए पहुंची थी पुलिस शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार के बयान पर दर्ज पहली प्राथमिकी में कहा गया है कि 16 जून को प्राप्त सनहा के आधार पर भरत भूषण तिवारी की गिरफ्तारी और अवैध हथियार बरामद करने के लिए 17 जून की सुबह करीब 5:10 बजे पुलिस टीम बिलौंटी गांव स्थित उसके घर पहुंची थी। प्राथमिकी के अनुसार, दरवाजा खुलते ही भरत भूषण उग्र हो गया और पिस्टल से फायर करने का प्रयास किया। इसके बाद उसने दरवाजा बंद कर लिया। घर की छत पर चढ़कर पुलिस टीम पर कई राउंड फायरिंग की, जिसमें पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए। पिता और भाई पर संरक्षण देने का आरोप पुलिस का दावा है कि पूछताछ के दौरान भरत भूषण के पिता काशी नाथ तिवारी और भाई चंदन तिवारी ने उसके पास अवैध हथियार होने की जानकारी होने की बात स्वीकार की। पुलिस ने दोनों पर अवैध हथियार रखने में संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी में नामजद किया है। मुठभेड़ से संबंधित दूसरी प्राथमिकी में पुलिस ने कहा है कि 17 जून की सुबह करीब 8:30 बजे भरत भूषण हथियार लेकर बधार की ओर भाग रहा था। पीछा करने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसमें एक गोली थाना के सरकारी वाहन के बोनट पर लगी। ‘पुलिस को लगातार चुनौती दे रहा था’ प्राथमिकी के अनुसार, कई बार आत्मसमर्पण करने की चेतावनी देने के बावजूद वह फायरिंग करता रहा। एक हाथ में मोबाइल और दूसरे हाथ में पिस्टल लेकर वह लगातार पुलिस को चुनौती देता रहा। पुलिस का यह भी दावा है कि एक बार उसने पिस्टल फेंक दी थी, लेकिन जब एक जवान हथियार उठाने आगे बढ़ा तो उसने दोबारा पिस्टल उठाकर पुलिस टीम पर दो राउंड फायरिंग कर दी। इसके बाद आत्मरक्षा में एक जवान ने कमर के नीचे चार राउंड फायरिंग की, जिसमें गोली उसके पैर में लगी और वह गिर पड़ा। घायल अवस्था में उसे पुलिस अभिरक्षा में शाहपुर रेफरल अस्पताल भेजा गया। घटनास्थल से पिस्टल, खोखा, कारतूस बरामद प्राथमिकी में घटनास्थल से दो खोखा, एक देसी पिस्टल, एक मैगजीन और दो जिंदा कारतूस बरामद होने का उल्लेख किया गया है। पुलिस के अनुसार मुठभेड़ के दौरान भरत भूषण ने 10 से 12 राउंड और पुलिस ने आत्मरक्षा में पांच राउंड फायरिंग की। साथ ही यह भी कहा गया है कि भरत भूषण वर्ष 2025 में दर्ज एससी-एसटी एक्ट और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने से जुड़े एक मामले में आरोपी रह चुका था, जिसमें चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। मामले को लेकर पुलिस और परिजनों के दावों के बीच जांच जारी है। भरत तिवारी मौत के बाद हंगामे करने वालों पर FIR शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की कथित पुलिस मुठभेड़ में मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने एनएच-922 जाम कर दिया था। जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ था। इस मामले में शाहपुर थाना में 14 नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला शाहपुर थाना में पदस्थापित पुअनि सचिदानंद यादव के आवेदन पर दर्ज किया गया है। प्राथमिकी में सड़क जाम के दौरान सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, धक्का-मुक्की, पथराव करने और यातायात व्यवस्था प्रभावित करने का आरोप लगाया गया है। प्राथमिकी में बिलौटी पंचायत के मुखिया बलिराम यादव, बिलौटी गांव के सरोज त्रिपाठी, राकेश यादव, अंजनी तिवारी, गिरधारी तिवारी, हरहर तिवारी, दीपक तिवारी, रवि गुप्ता, अखंडा तिवारी, राहुल तिवारी, गोलू पासवान, विजय सिंह, बिहिया थाना क्षेत्र के डोगरा गांव निवासी मदन यादव सहित कुल 14 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा 50 से 60 अज्ञात लोगों को भी आरोपित किया गया है।



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