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बेगूसराय सदर अस्पताल को ONGC के सीएसआर फंड से 3 करोड़ के मेडिकल इक्विपमेंट मिले हैं। जिसमें लेप्रोस्कोपिक, ईएनटी उपकरण, नियोनेटल वेंटिलेटर, डिफ्रिब्रिलेटर, ए-स्कैन, फिजियोथैरेपी, आर्टेरियल ब्लड गैस उपकरण, लेबर डिलीवरी, रिकवरी बेड और फुल फाइलर बेड शामिल है। उद्घाटन केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किया। मौके पर ओएनजीसी के नीरज कुमार बंसल, डीएम श्रीकांत शास्त्री, सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार और मटिहानी के पूर्व विधायक राजकुमार सिंह मौजूद रहे। मुस्लिम संगठन सरिया कानून चाहते हैं, जो संभव नहीं है मीडिया से बात करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा है कि सभी राज्यों को यूसीसी लागू करना होगा। कुछ राज्य मुस्लिम प्रेम में इसे लागू नहीं करना चाहते हैं, लेकिन ऐसा नहीं चलेगा। मुस्लिम संगठन के दिमाग में भारत को इस्लामिक कंट्री बनाना है। यह संभव नहीं है। एक देश एक कानून ही यूसीसी है। यह नरेंद्र मोदी की सरकार रहते हुए देश में लागू होगा। हिंदू-मुस्लिम का सवाल नहीं है, सवाल एक देश एक कानून का है। एक देश एक कानून को मुस्लिम संगठन सरिया कानून से भारत को बदलना चाहते हैं, जो संभव नहीं है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस वहीं, उद्घाटन के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि आज केंद्र और राज्य सरकार की ओर से चिकित्सा व्यवस्था को काफी मजबूत कर दिया गया है। पहले सरकारी अस्पतालों में मरीज इलाज कराने नहीं आते थे, लेकिन अब लोगों की भीड़ लगी हुई है। अस्पताल में सभी प्रकार के आधुनिक उपकरणों से इलाज हो रहा है। आयुष्मान भारत लोगों की जिंदगी बदल रहा है। अब बेगूसराय सदर अस्पताल में कीमोथेरेपी और लेप्रोस्कोपिक ऑपरेशन तक की सुविधा है। यह बताता है कि चिकित्सा व्यवस्था कितनी आधुनिक और दुरुस्त हो गई है। ऊंची दुकान फीकी पकवान नहीं होनी चाहिए। अगर दुकान ऊंची है तो पकवान भी अच्छी होनी चाहिए।
जानकारी नहीं देने पर जताई नाराजगी गिरिराज सिंह ने बरौनी रिफाइनरी द्वारा दिया गया एंबुलेंस वापस होने पर सिविल सर्जन के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की। एक्शन लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा लोगों को उपलब्ध करना चाहती है। बरौनी रिफाइनरी ने एंबुलेंस वापस ले लिया है तो इसकी जानकारी आपने मुझे क्यों नहीं दिया। आपके पास न तो ड्राइवर को पैसा देने की व्यवस्था है और न ही तेल उपलब्ध कराने की।
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