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भागलपुर में बांका जिले के मूल निवासी दो लोगों में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई है। इससे लोगों में कोरोना संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, दोनों संक्रमित वर्तमान में भागलपुर में ही रह रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सकों ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है और कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, भागलपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती 65 वर्षीय बुजुर्ग की आरटी-पीसीआर जांच में कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई। यह मरीज मूल रूप से बांका जिले का निवासी है, लेकिन वर्तमान में भागलपुर में रहता है। पिछले लगभग एक सप्ताह से उसे सर्दी, खांसी और तेज बुखार की शिकायत थी, जिसका तापमान 104 डिग्री से नीचे नहीं आ रहा था। इसके बाद उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरटी-पीसीआर जांच में मरीज की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव
निजी अस्पताल में उपचार के दौरान कराई गई बाहरी प्रयोगशाला की आरटी-पीसीआर जांच में मरीज की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज) रेफर कर दिया। मरीज को अस्पताल के डी-ब्लॉक स्थित आईसीयू में कोविड प्रोटोकॉल के तहत भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीज की स्थिति स्थिर है और उसे ऑक्सीजन या वेंटिलेटर की आवश्यकता नहीं है। चिकित्सकों द्वारा एचआरसीटी सहित अन्य आवश्यक जांचें कराई जा रही हैं। सरकारी स्तर पर भी दोबारा आरटी-पीसीआर जांच की तैयारी है। मायागंज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया
मरीज की पुत्री ने बताया कि उनके पिता लगभग एक सप्ताह से सर्दी, खांसी और तेज बुखार से पीड़ित थे। निजी अस्पताल में चार-पांच दिनों के इलाज के बाद कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें मायागंज अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया। उन्होंने यह भी बताया कि फिलहाल उनके पिता की हालत पहले से बेहतर है। जेएलएनएमसीएच के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. राजकमल चौधरी ने पुष्टि की कि मरीज को आईसीयू में भर्ती कर सभी आवश्यक चिकित्सीय सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।उन्होंने लोगों से कोरोना के मामलों को लेकर घबराने की बजाय सावधानी बरतने की अपील की।संक्रमण के मामले समय-समय पर सामने आ सकते हैं,इसलिए लोगों को सतर्क रहने के साथ अफवाह और दहशत से बचना चाहिए।
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