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बक्सर। चौसा स्थित एसटीपीएल थर्मल पावर प्लांट से प्रभावित किसानों और खेतिहर मजदूरों ने आंदोलन तेज करने का फैसला लिया है। गुरुवार को बनारपुर पंचायत भवन में प्रभावित किसान-खेतिहर मजदूर मोर्चा की महापंचायत हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि 30 नवंबर 2026 तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो प्लांट का काम अनिश्चितकाल के लिए शांतिपूर्ण तरीके से बंद कराया जाएगा। लंबित पुनर्वास अनुदान ब्याज सहित देने की मांग महापंचायत की अध्यक्षता रामनारायण राय ने की, जबकि मंच संचालन अश्विनी कुमार चौबे ने किया। बक्सर सांसद सुधाकर सिंह, दिनेश सिंह और अशोक सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि प्लांट के लिए जमीन देने वाले किसानों और प्रभावित परिवारों को अब तक तय लाभ नहीं मिले हैं। किसान कई वर्षों से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। महापंचायत में वर्ष 2016-17 से लंबित पांच लाख रुपए का पुनर्वास अनुदान (आरजी) 10 साल के ब्याज सहित देने की मांग उठाई गई। किसानों ने एनटीपीसी की नीति और नबीनगर पावर प्लांट की तर्ज पर जमीन की उत्पादकता के आधार पर फसल वार्षिकी (एन्युटी) देने की भी मांग की। जमीन देने वाले परिवारों को रोजगार में मिले प्राथमिकता रोजगार के मुद्दे पर वक्ताओं ने ठेका एजेंसी पावर मेक के जरिए होने वाली नियुक्तियों में कथित अनियमितता रोकने और बाहरी लोगों की भर्ती बंद करने की मांग की। उन्होंने जमीन देने वाले परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने और प्लांट के खाली स्थायी पदों के लिए जल्द विज्ञापन जारी करने की बात कही। भूमिहीन मजदूरों और पारंपरिक कारीगरों के लिए भी उठी मांग महापंचायत में भूमिहीन मजदूरों और पौनी-पारंपरिक कारीगरों को भू-अर्जन अधिनियम, 2013 के तहत 1000 दिनों की मजदूरी (एमएडब्ल्यू) देने की मांग भी उठाई गई। इसके लिए आधिकारिक फॉर्मेट जारी कर भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया। इसके अलावा भू-दाता किसानों को सूचना पासबुक देने, विस्थापित परिवारों को आवासीय भूखंड आवंटित करने और प्रभावित गांवों में किसान भवन का निर्माण पूरा कराने की मांग की गई। एलएआरए कोर्ट में लंबित मामलों पर जवाब दाखिल करने की मांग पटना स्थित एलएआरए कोर्ट में वर्ष 2016 से लंबित मामलों में जिला भू-अर्जन पदाधिकारी (डीएलएओ), बक्सर से तत्काल प्रतिउत्तर दाखिल करने की मांग की गई। सांसद सुधाकर सिंह की पहल पर जिला प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और मोर्चा के प्रतिनिधियों के बीच जल्द त्रिपक्षीय समीक्षा बैठक कराने का प्रस्ताव भी रखा गया। महापंचायत को बृजेश राय, जय मंगल पांडेय, नरेंद्र तिवारी, सुरेश सिंह, ममता देवी, रामप्रवेश सिंह, मुन्ना तिवारी, शैलेश राय, पीयूष कुमार सिंह, हरिश्चंद्र प्रसाद, भोला सिंह, अजय सिंह और सत्येंद्र नारायण सिंह सहित कई लोगों ने संबोधित किया। सभा के अंत में किसानों ने दोहराया कि 30 नवंबर तक मांगों पर ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा।
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