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बेगूसराय जिले के सदर प्रखंड स्थित नीमा पंचायत के वार्ड संख्या-06 में सार्वजनिक काली मंदिर परिसर में मां काली पूजनोत्सव सोमवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हो गया। इस अवसर पर स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, इस मंदिर में आषाढ़ माह में मां काली की विशेष पूजा और पूजनोत्सव की परंपरा लगभग 420 वर्षों से चली आ रही है। यह आयोजन गांव की धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि मां काली सच्चे मन से आराधना करने वालों की मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं, जिसके कारण यह मंदिर श्रद्धा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। पूजनोत्सव का शुभारंभ शुक्रवार रात्रि देवी जागरण, वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजा-अर्चना के साथ हुआ। अनुष्ठान के बाद मां काली का पट खोला गया। पूरी रात मंदिर परिसर भक्ति गीतों और मां काली के जयघोष से गूंजता रहा। शनिवार और रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिन्होंने कतारबद्ध होकर मां काली के दर्शन और पूजा-अर्चना की। सोमवार को हवन, पूर्णाहुति, महाआरती और प्रसाद वितरण के साथ पूजनोत्सव का विधिवत समापन हुआ। पूजनोत्सव को सफल बनाने में भगत जेठू तांती, रामदेव तांती, मटुकी तांती, रामविलास तांती, मुरारी तांती, डॉ. सुरेंद्र तांती, सागर तांती, नरेश तांती, चन्द्रवीर कुमार, पवन तांती सहित अनेक ग्रामीणों ने सक्रिय भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने आयोजन की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
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